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युवाओं के आर्थिक स्वावलंबन के लिए लाए गए हैं प्रशिक्षण एवं इंटर्नशिप कार्यक्रम

– पीएमआईएस, मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना व एनएपीएस से मिलने वाले लाभ को लेकर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
– इन योजनाओं के लाभ तथा इसके लिए युवाओं की पात्रता के बारे में प्रतिनिधि हुए अवगत

त्रिलोकी नाथ प्रसाद।बिहार कौशल विकास मिशन एवं अवर प्रादेशिक नियोजनालय, पटना के संयुक्त तत्वाधान में नियोजन भवन के प्रतिबिंब सभागार में एक दिवसीय जिला स्तरीय जागरूकता-सह-उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सचिव, युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। जिसका मुख्य उद्देश्य केंद्र एवं राज्य सरकार की प्रमुख रोजगारोन्मुखी योजनाओं यथा प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (पीएमआईएस), मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना एवं राष्ट्रीय शिक्षुता प्रोत्साहन योजना (एनएपीएस) के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु विभिन्न हितधारकों को जागरूक करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ पटना के जिला नियोजन पदाधिकारी ने अपने स्वागत संबोधन में युवाओं के आर्थिक स्वावलंबन हेतु इन प्रशिक्षण एवं इंटर्नशिप कार्यक्रमों की महत्ता पर प्रकाश डाला। तत्पश्चात, विभिन्न सत्रों के माध्यम से योजनाओं की तकनीकी बारीकियों को साझा किया गया। चंदन राय, टीम लीडर, मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना ने राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए इसके लाभों एवं उद्योग तथा युवाओं की पात्रता के बारे में प्रतिनिधियों को अवगत कराया।
भारत सरकार के कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय के प्रतिनिधि कुंदन कुमार, सहायक रजिस्ट्रार ऑफ कंपनी ने प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (पीएमआईएस) के विभिन्न आयामों को रेखांकित किया, जबकि सहायक निदेशक (प्रशिक्षण) अतुल चंद्र ने राष्ट्रीय शिक्षुता प्रोत्साहन योजना (एनएपीएस) के अंतर्गत प्रशिक्षुओं और नियोक्ताओं को मिलने वाली वित्तीय सहायता और पोर्टल के संचालन की प्रक्रिया को समझाया। सत्र के दौरान उपस्थित हितधारकों द्वारा पूछे गए प्रश्नों और शंकाओं का विशेषज्ञों द्वारा त्वरित समाधान किया गया। जिससे योजनाओं के जमीनी स्तर पर कार्यान्वयन की राह स्पष्ट हुईं।
कार्यक्रम के अंत में मनीष शंकर, मिशन निदेशक, बिहार कौशल विकास मिशन ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि यह जागरूकता-सह-उन्मुखीकरण कार्यक्रम सचिव, युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग, बिहार के मार्गदर्शन में आयोजित किये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि आज पटना एवं जहानाबाद जिलों से इस श्रृंखला की शुरुआत की गई है तथा आगामी दिनों में बिहार के सभी जिलों में क्रमबद्ध रूप से ऐसे कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे, ताकि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके। साथ ही, उन्होंने यह भी बताया की सभी शिक्षण संस्थानों और औद्योगिक इकाइयों से सक्रिय भागीदारी की अपेक्षा है। युवाओं को औद्योगिक अनुभव प्रदान करने और उन्हें बाजार की मांग के अनुरूप तैयार करने में ये योजनाएं मील का पत्थर साबित होंगी। कार्यक्रम के सफल संचालन में श्री राजेश कुमार (नोडल पदाधिकारी) तथा पटना के जिला नियोजन ‘पदाधिकारी की सक्रिय भूमिका रही।

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