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किशनगंज : नियमित टीकाकरण से सुरक्षित बचपन की नींव

ग्रामीण स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस के माध्यम से गांव-गांव पहुंचा जागरूकता का संदेश

किशनगंज,02जनवरी(के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, बच्चे किसी भी समाज का भविष्य होते हैं और इस भविष्य की सुरक्षा केवल जन्म तक सीमित नहीं रहती, बल्कि जन्म के बाद उनके प्रत्येक चरण में संतुलित पोषण, सही देखभाल और समय पर टीकाकरण से ही स्वस्थ पीढ़ी का निर्माण संभव है। थोड़ी-सी लापरवाही बच्चों को गंभीर बीमारियों की ओर धकेल सकती है। इसी जिम्मेदारी को समझते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा ग्रामीण स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस (वीएचएसएनडी) के माध्यम से गांव-गांव तक स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश पहुंचाया जा रहा है।इसी क्रम में शुक्रवार को जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में वीएचएसएनडी का आयोजन किया गया, जहां बच्चों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। इस दौरान यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि नियमित एवं पूर्ण टीकाकरण ही बच्चों को जानलेवा बीमारियों से बचाने का सबसे प्रभावी उपाय है।

टीकाकरण से मिलती है गंभीर बीमारियों से सुरक्षा

जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. देवेंद्र कुमार ने बताया कि वीएचएसएनडी के दौरान बच्चों को उनकी आयु के अनुसार टीके लगाए गए तथा अभिभावकों को खसरा, पोलियो, टिटनेस, डिप्थीरिया, काली खांसी, क्षय रोग, हेपेटाइटिस-बी, जापानी इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारियों से बचाव के लिए टीकाकरण की अनिवार्यता के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि समय पर टीकाकरण न होने से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है, जिससे वे बार-बार बीमार पड़ते हैं।

वीएचएसएनडी गांवों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का सशक्त माध्यम

डॉ. देवेंद्र कुमार ने बताया कि ग्रामीण स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस केवल टीकाकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से गर्भवती महिलाओं की जांच, पोषण परामर्श, आयरन-फोलिक एसिड एवं कैल्शियम का वितरण, बच्चों की वृद्धि की निगरानी तथा स्वच्छता से जुड़े संदेश भी दिए जाते हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी ग्रामीण परिवार स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे।

नियमित टीकाकरण समाज की सामूहिक जिम्मेदारी : सिविल सर्जन

जिले के सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने कहा कि बच्चों का पूर्ण टीकाकरण सुनिश्चित करना स्वास्थ्य विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि “टीकाकरण से कोई भी बच्चा न छूटे, यही हमारा संकल्प है।” नियमित टीकाकरण बच्चों को स्वस्थ जीवन की मजबूत नींव देता है। सरकार का लक्ष्य है कि जिले का एक भी बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे, जिसके लिए अभिभावकों का सहयोग अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि शिशु मृत्यु दर में कमी लाने तथा बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए समय पर टीकाकरण अनिवार्य है। वीएचएसएनडी जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम पंक्ति तक पहुंचाया जा रहा है।

छूटे बच्चों को टीकाकरण से जोड़ने की अपील

सिविल सर्जन ने अभिभावकों से अपील की कि जिन बच्चों का टीकाकरण किसी कारणवश छूट गया है, वे नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र या स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क कर टीकाकरण अवश्य कराएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि टीके पूरी तरह सुरक्षित हैं और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।

वीएचएसएनडी के आयोजन में स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों के साथ आंगनबाड़ी सेविका, आशा कार्यकर्ता एवं अन्य सहयोगी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश मजबूती से दिया गया कि नियमित टीकाकरण, स्वच्छता और पोषण से ही स्वस्थ गांव और सशक्त समाज का निर्माण संभव है।

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