
रांची//राजधानी रांची के रातू थाना क्षेत्र अंतर्गत झखड़ाटांड़ गांव में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 13 साल के बच्ची की हत्या केआरोप में पुलिस ने सुबोध पाठक और उनके पुत्र राहुल पाठक को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने कथित तौर पर लोक-लाज और सामाजिक बदनामी के डर से इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया है।पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर एंबुलेंस संख्या (JH-01-AA-1245) और दो मोबाईल फोन बरामद किया है।
मामले की जानकारी देते हुए ग्रामीण एसपी प्रवीण पुष्कर ने बताया कि 2 अप्रैल की रात करीब 10:30 बजे ग्राम-झखड़ाटांड में ग्रामीणों ने सुबोध पाठक के घर में विगत 8 वर्षों से रह रही लड़की के लापता होने का आरोप लगाकर हंगामा किया। इस संबंध में रातू थाना में (सनहा सं०-34) दर्ज करते हुए पुलिस जांच शुरु किया। तथा लापता लड़की का पता बिहार के औरंगाबाद भेज कर करवाया गया।सुबोध पाठक के घर पर एफएसएल टीम को जांच लिए बुलाया गया। परंतु कुछ भी पता नहीं चलने पर नाबालिक लड़की के लापता रहने से संबंधित रातू थाना (कांड संख्या-111/26) में मामला दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी राकेश रंजन के द्वारा ग्रामीण एसपी के निर्देशन में डीएसपी (मु०) द्वितीय, राँची के नेतृत्व में टीम का गठन कर आवश्यक कार्रवाई हेतु निर्देशित किया गया।
टीम ने जब गहराई से जांच की, तो परतें खुलने लगीं। पुलिस को टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्य मिले। कड़ी पूछताछ के दौरान आरोपी सुबोध पाठक और राहुल पाठक ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उन्होंने बताया कि नाबालिग लड़की की हत्या कर दी थी और हत्या के बाद शव को एंबुलेंस (JH-01-AA-1245) से गया ले जाकर दाह संस्कार कर दिया।
आगे की पुछ-ताछ में सुबोध पाठक एवं राहुल पाठक ने बताया कि मृतका इंस्टाग्राम के माध्यम से राहुल पाठक के साला के संपर्क में थी तथा इंस्टाग्राम पर दोस्ती काफी गहरी हो गई थी।दोनों के बीच की बढ़ती नजदीकी और बातचीत से परिवार को अपनी लोक-लाज खोने का डर सता रहा था। इसी कारण उन्होंने साजिश रच लड़की को रास्ते से हटा दिया।
जिसके बाद पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सुबोध पाठक और राहुल पाठक को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।साथ ही घटना में प्रयुक्त एम्बुलेंस और दो मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। एंबुलेंस चालक पिंटू कुमार सिंह ने बताया कि सुबोध पाठक ने उसे यह कहकर गुमराह किया था कि उसकी 13 वर्षीय बेटी की मृत्यु हो गई है और उसका अंतिम संस्कार गया में करना है। इसके बाद मेरे द्वारा पंहुचा दिया गया था।
पुलिस की जांच में पारिवारिक विवाद और प्रेम-प्रसंग की बात सामने आई है। जानकारी के अनुसार, सुबोध पाठक और उसके बेटे के बीच अक्सर विवाद होता था। घटना की रात दोनों के बीच झगड़ा हुआ, जिसमें राजनंदिनी ने अपने फूफा सुबोध का पक्ष लिया। इससे नाराज होकर राजनंदिनी के मुंहबोले भाई राहुल ने उसका गला घोंट दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। बताया जाता है कि बच्ची का राहुल के साले के साथ प्रेम-प्रसंग भी परिवार को नागवार गुजर रहा था, जिसे लेकर भी तनाव था।
बता दे कि मृत बच्ची राजनंदिनी मूल रूप से औरंगाबाद जिले के अंबा गांव निवासी दिनेश मइवार की दूसरी पत्नी की बेटी थी। दिनेश मइवार शारीरिक रूप से दिव्यांग हैं और उनकी आर्थिक स्थिति भी कमजोर होने के वजह से परिवार के परिचित रातू निवासी सुबोध पाठक राजनंदिनी को अपने साथ ले आए थे। करीब आठ साल से राजनंदिनी सुबोध पाठक के घर में रह रही थी और उन्हें फूफा कहा करती थी। राजनंदिनी पाठक परिवार को ही अपना असली परिवार मानती थी।
इन संदेही गुनहगारों को गिरफ्तार करने में पु०नि०-सह-थाना प्रभारी आदिकांत महतो, पु०अ०नि०- महेश प्रसाद कुशवाहा, पु०अ०नि०- संतोष यादव, पु०अ०नि०- अनुरंजन कुमार, पु०अ०नि०- छोटू कुमार, पु०अ०नि०- विशेश्वर कुमार और रातू थाना रिजर्व गार्ड की अहम भूमिका रही।



