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नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार विकास की नई उड़ान पर, समृद्धि यात्रा बनी सुशासन की पहचान – परिमल कुमार

त्रिलोकी नाथ प्रसाद/जद (यू0) प्रदेश प्रवक्ता श्री परिमल कुमार ने सोशल संवाद करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार आज तीव्र गति से प्रगति के पथ पर अग्रसर है। विगत वर्षों में उन्होंने कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ कर बिहार को भयमुक्त वातावरण प्रदान किया और समाज के सभी वर्गों-युवाओं, महिलाओं, अल्पसंख्यकों एवं दलितों-को साथ लेकर समावेशी विकास का संकल्प साकार किया। इसी का परिणाम है कि बिहार में विकास की एक सकारात्मक प्रतिस्पर्धा का शुभारंभ हुआ है, जो अब स्पष्ट रूप से धरातल पर दिखाई दे रहा है।
मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार द्वारा आरंभ की गई समृद्धि यात्रा कोई साधारण राजनीतिक यात्रा नहीं है, बल्कि यह जनता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता, सुशासन के प्रति समर्पण और जनादेश के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है। बिहार की महान जनता ने 2025 के चुनाव में प्रचंड जनादेश देकर पुनः उन्हें विकास की बागडोर सौंपी, और इस यात्रा का एक प्रमुख उद्देश्य उसी विश्वास और समर्थन के प्रति आभार व्यक्त करना भी है।
समृद्धि यात्रा का मूल दर्शन प्रत्यक्ष संवाद है। सरकार की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन तभी संभव है जब लाभार्थियों, जनता और शासन के शीर्ष नेतृत्व के बीच सीधा संपर्क हो। सुशासन के लिए प्रत्यक्ष संवाद को सर्वोत्तम माध्यम मानते हुए मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने इस परंपरा को और सशक्त किया है। इस यात्रा के माध्यम से पूर्व में की गई घोषणाओं और योजनाओं की वास्तविक प्रगति की समीक्षा की जा रही है, साथ ही सात निश्चय-2 के परिणामों का फीडबैक और सात निश्चय-3 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं।
इसी क्रम में मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने प्रशासन को जनता के प्रति अधिक जवाबदेह बनाने हेतु एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है, जिसके तहत राज्य के सभी स्तरों के अधिकारी सप्ताह में दो दिन जनता से सीधे संवाद करेंगे। शिकायतों के निपटारे में सम्मान, सुविधा और समयबद्धता सुनिश्चित की जाएगी।
समृद्धि यात्रा के दौरान पूर्वी चंपारण में मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने विकास को नई गति दी। उन्होंने लगभग 138 करोड़ रुपये की 30 योजनाओं का उद्घाटन किया तथा लगभग 34 करोड़ रुपये की 40 योजनाओं का शिलान्यास किया। शिक्षा, रोजगार, औद्योगीकरण, महिला सशक्तिकरण और आधारभूत संरचना के साथ-साथ कृषि को उद्योग का स्वरूप देने की नई पहल इस यात्रा की विशेष पहचान रही।
ठंड के मौसम में भी जनता के बीच जाकर सीधे संवाद करना मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार की कार्यशैली को दर्शाता है। वे केवल कागजी योजनाओं में विश्वास नहीं रखते, बल्कि धरातल पर उतरकर उनकी प्रभावशीलता सुनिश्चित करते हैं।

आज बिहार उपभोक्ता राज्य से उत्पादक राज्य की ओर बढ़ रहा है, सेवा लेने वाले राज्य से सेवा देने वाले राज्य के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। युवाओं को प्रशिक्षण, रोजगार और अवसर प्रदान कर बिहार को भविष्य के ग्लोबल वर्कप्लेस के रूप में विकसित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के दूरदर्शी नेतृत्व में बिहार का भविष्य उज्ज्वल, समृद्ध और खुशहाल है।

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