किशनगंज : डीएम की अध्यक्षता में नमामि गंगे अंतर्गत जिला गंगा समिति की बैठक हुई संपन्न।

breaking News District Adminstration ताजा खबर राज्य

किशनगंज/धर्मेन्द्र सिंह, समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में जिलाधिकारी, श्रीकांत शास्त्री की अध्यक्षता में नमामि गंगे अंतर्गत जिला गंगा समिति की बैठक की संपन्न हुई। उक्त बैठक में “राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन” के तहत गंगा की सहायक नदियों को स्वच्छ एवं निर्मल बनाने के निमित्त बैठक में उपस्थित सभी संबंधित पदाधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिये गए। नमामि गंगे अंतर्गत जिला गंगा समिति की बैठक में उपस्थिति संबंधित पदाधिकारियों को अवगत कराया गया कि गंगा और उसकी सहायक नदियों का न सिर्फ सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व है, बल्कि हमारे देश की अधिसंख्य आबादी अंशतः या पूर्णतः इन सब नदी पर निर्भर है। वर्तमान समय में गंगा नदी और उसकी सहायक नदियों के प्रदूषण को समाप्त करने तथा नदी को पुनर्जीवित करने के लिए नमामि गंगे एक महत्वाकांक्षी योजना है। डीएम श्रीकांत शास्त्री ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि प्रायः ऐसा देखा जाता है कि स्थानीय या ग्रामीण क्षेत्रों में हमारे द्वारा इस्तेमाल किया गया पानी एवं हमारे घरों की गंदगी बिना सही ढंग से निपटान किए हीं नाले में डाल देते हैं, जो विभिन्न बहाव माध्यमों से होते हुए महानंदा, डोंक आदि सहायक नदियों में समाहित होकर गंगा नदी को प्रदूषित करते हैं। इससे जलीय जीवों एवं हमारे रोजमर्रा के जिंदगी में प्रतिकूल असर पड़ता है अथवा भू-गर्भ में समाहित होकर हमारे जल स्तर को प्रदूषित कर देते है। अतः उपयोग किये गये पानी से जैविक कचरे एवं प्लास्टिक को रिकवर कर अर्थात् पानी से छान कर एवं जल को शुद्व कर इसे पुनः उपयोग योग्य बनाने हेतु प्रेरित किया गया। नदियों को प्रदूषण मुक्त बनाने के बिंदु पर चर्चा के क्रम में डीएम के द्वारा संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों की सफाई से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों की नालियों से आते मैले पदार्थ (ठोस- तरल) और शौचालय के निर्माण के समय जल प्रदूषण नहीं हो इस बात पर ध्यान रखने को कहा गया। बैठक में आमजनों एवं नदियों के बीच बेहतर संबंध के लिए घाटों की सुव्यवस्थित ढंग से मरम्मति कर पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने पर बल दिया गया। बैठक में सभी पदाधिकारियों को आस- पड़ोस के वातावरण को दृष्टिगत रखते हुए सतत विकास (sustainable development) की ओर आगे बढ़ने का सुझाव भी दिया गया। स्थानीय स्तर पर नदी- नाला में कचरा (Wastage) नहीं डालने के लिए लोगो को प्रेरित करने का निर्देश दिया गया तथा यह भी अवगत कराया गया कि “नमामि गंगे योजना” जल प्रदूषण को नियंत्रित करने का उचित माध्यम है। रमजान नदी की सफाई और अतिक्रमण मुक्त करने के बिंदु पर नगर परिषद किशनगंज के कार्यपालक पदाधिकारी ने अद्यतन स्थिति से अवगत कराया। मुख्य रूप से रमजान नदी और ओद्रा घाट के सफाई और सौंदर्यीकरण पर निर्देश दिए गए। ओदरा घाट पर रिवर फ्रंट निर्माण आदि के बिंदु पर कार्रवाई बुडको के माध्यम से करते हुए प्रस्ताव राज्य सरकार को समर्पित किया गया है। इस बैठक में जिला गंगा समिति के संयोजक वन प्रमंडल पदाधिकारी, अररिया एवम समिति के अन्य सदस्य तथा संबद्ध विभागो के कार्यपालक अभियंता व अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।