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आधी आबादी की तस्वीर – अंजुम आरा

मुकेश कुमार/जद (यू) प्रदेश प्रवक्ता श्रीमती अंजुम आरा ने सोशल मीडिया संवाद करते हुए कहा कि बिहार में महिला सशक्तिकरण की जो ऐतिहासिक गाथा पिछले दो दशकों में लिखी गई है, वह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दूरदर्शी नेतृत्व, मजबूत नीतिगत निर्णयों और अटूट राजनीतिक इच्छाशक्ति का परिणाम है। वर्ष 2005 से पहले बिहार की आधी आबादी राजनीतिक, आर्थिक और प्रशासनिक निर्णयों से लगभग वंचित थी। पंचायतों में उनकी भागीदारी सीमित थी, सरकारी नौकरियों में उनकी उपस्थिति नगण्य थी और आर्थिक संसाधनों तक उनकी पहुंच बेहद कम थी। महिलाएँ आत्मनिर्भर नहीं, बल्कि आश्रित जीवन जीने को विवश थीं।
मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार सरकार ने इस स्थिति को बदलने का संकल्प लिया और पंचायतों व नगर निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देकर एक सामाजिक क्रांति की शुरुआत की। आज लाखों महिलाएँ मुखिया, वार्ड सदस्य, जिला परिषद सदस्य और मेयर के रूप में न केवल निर्वाचित प्रतिनिधि हैं, बल्कि निर्णय प्रक्रिया का नेतृत्व कर रही हैं। यह केवल प्रतिनिधित्व नहीं, बल्कि समाज की सोच में बदलाव का प्रतीक है।

सरकारी नौकरियों में महिलाओं को आरक्षण देकर उन्हें प्रशासनिक व्यवस्था का सक्रिय हिस्सा बनाया गया। पुलिस बल में महिलाओं की उल्लेखनीय भागीदारी ने बिहार को राष्ट्रीय स्तर पर एक उदाहरण के रूप में स्थापित किया है। शिक्षकों की बहाली से लेकर विभिन्न प्रशासनिक सेवाओं तक महिलाओं की बढ़ती उपस्थिति इस परिवर्तन की सशक्त गवाही देती है।
अब सरकार का लक्ष्य महिलाओं को केवल नौकरी पाने वाली नहीं, बल्कि नौकरी देने वाली बनाना है। महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय सहायता, आसान ऋण, कौशल विकास और मार्केटिंग सपोर्ट जैसी ठोस व्यवस्थाएँ की गई हैं। जीविका समूह की महिलाएँ आज अपने उत्पादों का ब्रांड बना रही हैं, डिजिटल प्लेटफाॅर्म पर बिक्री कर रही हैं और लघु उद्योग संचालित कर रही हैं। यह परिवर्तन केवल आर्थिक नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और सामाजिक प्रतिष्ठा का परिवर्तन है।
जो लोग आज महिला सशक्तिकरण की बात करते हैं, उन्हें यह बताना चाहिए कि क्या उन्होंने कभी महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देने का साहस दिखाया? क्या उन्होंने जीविका जैसा व्यापक आंदोलन खड़ा किया? क्या उन्होंने महिलाओं को उद्यमी बनाने के लिए ठोस नीति और संसाधन उपलब्ध कराए? महिलाओं को केवल नारे नहीं, अवसर और व्यवस्था चाहिए और यह व्यवस्था मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार सरकार ने दी है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार सरकार की आगे की दिशा स्पष्ट है – हर पंचायत में महिला उद्यमी, हर जिले में महिला उद्योग क्लस्टर, महिला स्टार्टअप को प्रोत्साहन और डिजिटल प्लेटफाॅर्म से व्यापक जुड़ाव। बिहार की अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना ही विकसित बिहार की मजबूत नींव है।

 

 

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