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थैलिसीमिया

डॉक्टर लक्ष्मी नारायण सिंह-होमियो गगन जुलाई सितंबर 2014 पृष्ठ संख्या 45 पर थैलिसीमिया, पर लिख दिया गया है! Plumbum met 1 M से शुरू कर P.Met 10 M तक दिया गया। P.Met से कभी केस ठीक नहीं होते हैं।

थैलिसीमिया एक ऐसी बीमारी है जिसके बारे में बहुत ही कम लोग जानते हैं। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि पूरी दुनिया में हर साल तकरीबन 10 लाख बच्चे थैलिसीमिया मेजर बीमारी लेकर पैदा होते हैं विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार इसमें 7 से 10 हजार बच्चे भारतीय होते हैं।

*क्या है थैलिसीमिया*

थैलिसीमिया एक वंशानुगत रक्त विकार है जिसमें शरीर उचित मात्रा में हीमोग्लोबिन और रेड ब्लड सेल्स नहीं बना पाता है। थैलिसीमिया को कौन बीमारी कहा जा सकता है, क्योंकि रेड ब्लड सेल की कमी से एनीमिया हो सकता है।

*थैलिसीमिया का कारण*

हिमोग्लोबिन में दो तरह की प्रोटीन चेन्स होती है। एक अल्फा ग्लोबिन और दूसरी बीटा ग्लोबिन। अगर शरीर में दोनों प्रोटीन नहीं बनते या यह चेन असामान्य होती है। तो रेड ब्लड सेल ठीक से नहीं बनेगा या पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं ले पाएंगे।

*शरीर में हीमोग्लोबिन कैसे बनाएगा*

इसका नियंत्रण जीन यानी वन्शाणु से होता है। जब ये जीस लापता होता है यह बदल जाता है तब थैलिसीमिया हो जाता है।

*थैलिसीमिया के प्रकार*

थैलिसीमिया दो प्रकार के होते हैं:
० थैलिसीमिया मेजर
० थैलिसीमिया माइनर

*क्या है दोनों में फर्क*

थैलिसीमिया माइनर :- जब बच्चे को माता पिता में से एक से प्रभावित जीन मिलता है थैलिसीमिया माइनर के मरीजों को अमूमन बीमारी का पता नहीं होता क्योंकि इसमें कोई खास लक्षण नजर नहीं आते हैं और न मरीजों को हेल्थ से जुड़ी कोई परेशानी होती है एक सर्वे के मुताबिक भारत में तकरीबन चार करोड़ लोग थैलेसीमिया माइनर से पीड़ित है।

थैलिसीमिया मेजर :- जब माता-पिता दोनों के जीस में थैलिसीमिया होता है तो बच्चे को थैलिसीमिया मेजर का खतरा बढ़ जाता है।

*कौन सा टेस्ट जरूरी*

इसमें हीमोग्लोबिन इलेक्ट्रोफोटोलीस नाम के ब्लड टेस्ट से जाना जाता है।

*थैलिसीमिया मेजर का लक्षण*

अगर पैरेटस थैलिसीमिया माइनर है तो बच्चा को थैलिसीमिया मेजर हो सकता है जन के कुछ महीने तक तो बच्चा सामान्य लगता है लेकिन साल भर में ही इसके लक्षण दिखने लगते हैं।

*संगीत देने वाले लक्षण*

० चेहरे की हड्डियों का आकार बिगड़ना।
० चेहरे की रंगत फीका पड़ना।
० थकान लगना।
० बच्चे का शारीरिक विकास ना होना।
० सांस लेने में दिक्कत।
० त्वचा का पीला होना।

*थैलेसीमिया के साथ जीना*

० थैलिसीमिया के मरीज के शरीर में रक्त नहीं बन पाता है इसलिए उसे बाहर से रंग चढ़ाना पड़ता है।
० हर दो चार हफ्ते में रक्त लेने के साथ डॉक्टर की दी हुई दवाइयां भी खानी पड़ती है।
० आयु बढ़ने के साथ रक्त की जरूरत भी बढ़ाती जाती है।

० अधिक बार खून चढ़ाने से अक्सर शरीर में अधिक मात्रा में आयरन जमा हो जाता है जो शरीर के महत्वपूर्ण अंग जैसे दिल, लीवर, फेफड़ों आदि को नुकसान पहुंचाता है।

*थैलिसीमिया का इलाज*

० एक्स सिटी यानी हेमैटोपोएटिक सेल का ट्रांसप्लांटेशन इसका कारगर इलाज है।
० एचसीटी में बोन मैरो थैलिसीमिया वाले सेल्स को हेल्दी डोनर के बोन मैरो या भाई बहन के सुरक्षित रखे गए अंबिलिकल कॉर्ड के सेल्स बदले जाते हैं बशर्ते कोशिकाएं मैच कर जाए।

*थैलिसीमिया का होम्योपैथिक इलाज*

होम्योपैथिक द्वारा थैलिसीमिया रोग ठीक हुआ है ब्रिटिश जर्नल व http// Bashir Mahmud Ellias.biogostoc साइड देखें।
० Avena. Setiva Q,3x ,6x, 12x,30 शुरुआत में या दवा 10 बुद xदो बार ले।
o Arsenic alb. 30/200- 3 days 2 बार प्रतिदिन, 3 दिन
o Leci thinum 30/200 लेसिथिनम लेने से ही में हिमोग्लोबिन स्तर बढ़ता है।
o Ceanothus Americans Q/3x/6x थैलिसीमिया रोगी का लीवर Spleen बधा रहता है। 10 बुद x 3 बस रोज ले।
o Manganum, aceticum 3x/6
o Thyroidinum -12x/30
o Calc.phos 12x /30
o Alfalfa Q/3x/6x
o Zincum Met – 3x /6x /30
o Urtica urenes Q/3x/6x/12x/30 5 बुद दो बार ले।
o Caladium 3x/6x/30
o Ferrum phos 6x/30/10 days
o Nitrim.Aculcidum -3x/6x/30/5 dropx3
o Csrbo veg – 3/6/30/200,10 drop 2 times
o Natrum Sulph 3x/6x/30 ,15 drops daily x 2times
o Calc.Flour – 3x/6x/30
o Pulsatila -30/200/15 drops x 2 times
o Magnesia Carb – 3x/30/200
o Carbo animelis – 3x/30/200/5 drop x 2 times
o Aurum. met – 3x /6x/30/200
o Alfalfa – Q/3x/6x/ 10 drops x 3 times
o China – Q/ 3x/ 6

Cutting of of spleen Ceanothus,Americanus Q ऑल Cardus Marianus Q.

थैलिसीमिया के रोगियों में होम्योपैथिक औषधियों की भूमिका का प्रकाश डालता हुआ यह शोध पत्र थैलिसीमिया के रोगियों में एक नई रोशनी दे सकता है इन रोगियों में जिनमें पहले से ही Hydroxyurea ( हाइड्रोक्सीयुरिया ) एलोपैथिक दवा लेने के बावजूद लाभ नहीं दे रहा था इनमें एलोपैथिक औषधियां पल्साटिला 30,फेरम मेटिलिकम 30 ऑल सियोनेथम -30,6,Similia similibus curenture के अनुसार दिया गया।

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