सहरसा : ऐतिहासिक पटेल मैदान में निर्मित बाढ़- राहत शेड पर भू-माफिया एवं असामाजिक तत्वों का कब्जा

सहरसा, 12 अक्टूबर (के.स.)। अजय कुमार, कोसी क्षेत्र में प्रत्येक वर्ष आने वाली प्रलयंकारी बाढ़ और आपदा के समय पीड़ितों को सुरक्षित आश्रय देने के लिए सरकार द्वारा लाखों की लागत से बनाया गया राहत शेड आज खुद ‘आपदा’ के दौर से गुजर रहा है। सहरसा जिला मुख्यालय स्थित ऐतिहासिक पटेल मैदान में बाढ़ पीड़ितों और विस्थापितों की आपातकालीन सहायता के लिए सरकारी खर्च पर निर्मित यह राहत शेड वर्तमान में पूरी तरह जर्जर हो चुका है और असामाजिक तत्वों व स्थानीय रसूखदारों के अवैध कब्जे (अतिक्रमण) का शिकार है।
इस गंभीर मुद्दे को लेकर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। एआईएसएफ के राज्य कार्यकारी सदस्य शंकर कुमार ने इस संबंध में तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि लाखों रुपये की सरकारी राशि से तैयार किए गए इस शेड को अतिक्रमणकारियों ने अपनी जागीर बना लिया है। उन्होंने अत्यंत खेद जताते हुए कहा कि रख-रखाव के अभाव में शेड के कई हिस्सों के चदरे गायब हो चुके हैं और इसका उपयोग पूरी तरह से निजी कार्यों के लिए किया जा रहा है। हद तो तब हो गई जब शेड के अंदर अवैध रूप से क्रिकेट पिच बनाकर खेल खेला जा रहा है, जो कि पूरी तरह से गैर-कानूनी और अन्यायपूर्ण है।
शंकर कुमार ने आवेदन देकर जिलाधिकारी, अपर समाहर्ता को आवेदन देकर कहा कि सहरसा और आसपास का कोसी क्षेत्र हर साल बाढ़ की भयंकर विभीषिका झेलता है। ऐसे आपातकाल के दौरान बेघर हुए बाढ़ पीड़ितों को सुरक्षित आश्रय देने के लिए इन राहत शेडों का खाली, साफ-सुथरा और तैयार रहना अत्यंत आवश्यक है। लेकिन वर्तमान प्रशासनिक उदासीनता के कारण यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो आगामी आपदा के समय विस्थापितों को सिर छुपाने के लिए भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।
संगठन ने प्रशासन के समक्ष रखी तीन सूत्री मांग
एआईएसएफ ने जिला प्रशासन से अविलंब हस्तक्षेप करने की मांग करते हुए निम्नलिखित बिंदु सामने रखे हैं:
- पटेल मैदान स्थित बाढ़ राहत शेड को अविलंब सभी प्रकार के अतिक्रमण से मुक्त कराया जाए।
- सरकारी राहत शेड पर अवैध कब्जा करने वाले असामाजिक तत्वों और रसूखदारों पर चिन्हित कर उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।
- जर्जर हो चुके राहत शेड की आवश्यक मरम्मत (जीर्णोद्धार) कराकर इसे पुनः आपातकालीन उपयोग के योग्य बनाया जाए।
छात्र नेता शंकर कुमार ने साफ लफ्जों में चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया और राहत शेड को अतिक्रमण मुक्त कराकर उसकी मरम्मत नहीं कराई, तो ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (aisf) चुप नहीं बैठेगा। बाढ़ पीड़ितों के हक के लिए संगठन उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा, जिसकी पूरी जवाबदेही जिला प्रशासन की होगी।



