सख़्त कार्रवाई, सशक्त पुलिसिंग और सुरक्षित सारण: विगत 19 महीनों की ऐतिहासिक उपलब्धियाँ”

दिलीप नारायण सिंह/पुलिस उप- महानिरीक्षक-सह-वरीय पुलिस अधीक्षक, सारण डॉ. कुमार आशीष के कुशल नेतृत्व और प्रभावी पर्यवेक्षण में सारण पुलिस ने बीते 19 महीनों (01 जून 2024 से 31 दिसंबर 2025) में अपराध नियंत्रण, विधि-व्यवस्था और जन-सुरक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए हैं। “जीरो टॉलरेंस” की नीति पर चलते हुए पुलिस ने संगठित अपराध, अवैध खनन और मद्यनिषेध के विरुद्ध निर्णायक प्रहार किया है, जिसकी संक्षिप्त विवरणी निम्न प्रकार है:-
1. गिरफ्तारी एवं न्यायिक प्रक्रिया का सफल निष्पादन
इस अवधि के दौरान पुलिस ने विभिन्न कांडों में कुल 23,612 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा।
* प्रमुख गिरफ्तारियाँ: हत्या (329), हत्या का प्रयास (1,517), लूट (152), डकैती (43), बलात्कार (58), पॉक्सो (79), अपहरण (355), और आर्म्स एक्ट (397)।
* न्यायिक दबदबा: फरार अपराधियों पर शिकंजा कसते हुए 29,518 वारंट, 23,914 सम्मन, 4,530 इस्तेहार और 1,434 कुर्की का विधिसम्मत निष्पादन किया गया।
2. अपराध के ग्राफ में ऐतिहासिक गिरावट (तुलनात्मक विश्लेषण)
पिछले 4 वर्षों (2021-2024) के औसत की तुलना में वर्ष 2025 में संगीन अपराधों में भारी कमी दर्ज की गई:
* लूट: 50% की कमी | डकैती: 33% की कमी।
* दंगा: सामान्य दंगों में 78% और भीषण दंगों में 50% की कमी।
* चोरी: 22% की कमी | हत्या: 15% की कमी।
3. अवैध गतिविधियों एवं मद्यनिषेध के विरुद्ध प्रहार
शराबबंदी कानून के प्रभावी अनुपालन हेतु सारण पुलिस ने जल और थल दोनों मार्गों पर कार्रवाई की:
* बरामदगी: 2,92,422 लीटर अवैध शराब और भारी मात्रा में मादक पदार्थ (गांजा, स्मैक) एवं विस्फोटक।
* भट्टी ध्वस्तीकरण: 5,423 अवैध शराब भट्टियों को नष्ट कर 17,96,081 लीटर अर्द्धनिर्मित शराब का विनष्टीकरण किया गया।
* अवैध खनन: 1,931 छापामारी कर 9.08 लाख CFT बालू जब्त की गई और ₹ 1,527.08 लाख का अर्थदंड वसूला गया।
4. महिला सुरक्षा: “आवाज दो” अभियान
महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण हेतु संचालित “आवाज दो” अभियान के माध्यम से 817 महिलाओं को सहायता दी गई:
* 289 बालिकाओं को अनैतिक देह व्यापार के चंगुल से मुक्त कराया गया।
* 413 अपहृत बालिकाओं की सुरक्षित बरामदगी।
* हेल्पलाइन (9031600191): इसके माध्यम से 115 मामलों का त्वरित निष्पादन हुआ।
5. सजा एवं दोषसिद्धि (Speedy Trial)
न्यायालय के साथ बेहतर समन्वय के परिणामस्वरूप 7,801 अभियुक्तों को सजा दिलाई गई:
* आजीवन कारावास: 36 कांडों में 79 अभियुक्त।
* 10 वर्ष से अधिक सजा: 18 कांडों में 28 अभियुक्त।
* कुल 6,392 कांडों में अभियुक्तों को दोषसिद्ध कराया गया।
6. मुठभेड़ एवं कठोर प्रशासनिक कार्रवाई
कानून का इकबाल बुलंद करने के लिए पुलिस ने कुख्यात अपराधियों के विरुद्ध सीधी कार्रवाई की:
* पुलिस मुठभेड़: 5 प्रमुख मुठभेड़ों (डॉ. सजल अपहरण कांड, एकमा तिलकार मुठभेड़ आदि) में 07 कुख्यात अपराधी घायल अवस्था में गिरफ्तार किए गए।
* निवारक कार्रवाई: BNSS की धारा 107 के तहत अवैध रूप से संपत्ति अर्जित करने वाले 52 अपराधियों को चिन्हित कर 20 के विरुद्ध कार्रवाई का प्रस्ताव भेजा गया है तथा CCA- 03 के तहत 1011 अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई की गई।
7. आधुनिक एवं प्रभावी पुलिसिंग के सूत्र
* सुपर पेट्रोलिंग एवं बीट पुलिसिंग: रात्रि सुरक्षा और ग्रामीण अंचलों तक पुलिस की पहुंच।
* ऑपरेशन त्रिनेत्र: CCTV नेटवर्क का विस्तार।
* ERSS-112: न्यूनतम रिस्पांस टाइम के साथ त्वरित सहायता।
*डॉ. कुमार आशीष, IPS के नेतृत्व में सारण पुलिस ने रसूलपुर तिहरा हत्याकांड में भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत भारत में पहली सजा करवाई जिसमें महज 50 दिनों में दोषियों को आजीवन कारावास एवं ₹25,000 जुर्माना की पहली सजा दिलाई. साथ ही, भुवनेश्वर में आयोजित 59वें डीजीपी–आईजीपी सम्मेलन में उन्होंने माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृह मंत्री अमित शाह के समक्ष इस केस का प्रस्तुतिकरण भी किया जिससे देश स्तर पर सारण तथा बिहार पुलिस का इक़बाल बुलंद हुआ।*
“सारण पुलिस जिले में भयमुक्त वातावरण और सुशासन सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आमजन का सहयोग और पुलिस की सतर्कता ही हमारी सफलता का आधार है।”


