किशनगंज : टेढ़ागाछ सीएचसी में आशा कार्यकर्ताओं को एम-आशा ऐप का विशेष प्रशिक्षण
डिजिटल माध्यम से फील्ड स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा नया आधार

किशनगंज,29जनवरी(के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, जिले में ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल की गई है। इसी क्रम में टेढ़ागाछ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आशा कार्यकर्ताओं के लिए एम-आशा ऐप के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य आशा कार्यकर्ताओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़कर उनके कार्यों को अधिक सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाना है।
कार्यक्रम के दौरान आशा कार्यकर्ताओं को एम-आशा ऐप के माध्यम से लाभार्थियों की डिजिटल एंट्री, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से संबंधित सूचनाओं का रियल-टाइम अपडेट, टीकाकरण तथा प्रसव पूर्व एवं पश्चात सेवाओं की निगरानी से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करते हुए प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि एम-आशा ऐप से जमीनी स्तर की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत आधार मिलेगा। उन्होंने बताया कि डिजिटल माध्यम से सटीक एवं त्वरित डेटा उपलब्ध होने से स्वास्थ्य योजनाओं की निगरानी बेहतर होगी, जिससे मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने और समय पर स्वास्थ्य हस्तक्षेप करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं से ऐप के नियमित उपयोग की अपील की।
सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने कहा कि एम-आशा ऐप से फील्ड स्तर पर कार्य प्रणाली में स्पष्ट सुधार आएगा। उन्होंने बताया कि अब आशा कार्यकर्ताओं को कागजी रजिस्टर पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। मोबाइल ऐप के माध्यम से रिपोर्टिंग आसान होगी और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।
प्रशिक्षण के दौरान बीएचएम अजय साहा द्वारा आशा कार्यकर्ताओं को लॉग-इन प्रक्रिया, सुरक्षित डेटा एंट्री, रिपोर्ट जनरेशन तथा ऐप में उपलब्ध रिमाइंडर एवं अलर्ट फीचर के उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया, जिससे टीकाकरण एवं स्वास्थ्य जांच सेवाओं का समय पर अनुपालन सुनिश्चित हो सके।
प्रशिक्षण में शामिल आशा कार्यकर्ताओं ने एम-आशा ऐप को उपयोगी एवं समय बचाने वाला बताया। उनका कहना था कि मोबाइल ऐप से कार्य करना आसान होगा और सूचनाएं तुरंत अपडेट की जा सकेंगी। बताया गया कि जिले की सभी आशा कार्यकर्ताओं को चरणबद्ध तरीके से डिजिटल प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, सशक्त और प्रभावी बनाया जा सके।



