राज्य के पैक्सों में सदस्यता-सह-सहकारी जागरूकता अभियान 31 जनवरी 2026 तक जारी
अभियान के तहत अब तक पैक्सों में बनाये गए 1.59 लाख नये सदस्य।
*प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहयोग समितियों (पीवीसीएस) में अब तक 13,059 नये सदस्य बनाये गए।
*सहकारी बैंकों में अब तक 20,874 नये खाते खोले गए।
त्रिलोकी नाथ प्रसाद/सहकारिता विभाग राज्य भर के पैक्सों में सदस्यता-सह-सहकारी जागरूकता अभियान चला रहा है। 31 जनवरी तक चलने वाले इस कार्यक्रम के तहत छुटे हुए लोगों से आवेदन प्राप्त कर पैक्स की सदस्यता, प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहयोग समितियों (पीवीसीएस) में सदस्यता दिलाने और सरकारी योजनाओं की जानकारी देने जैसे काम किए जा रहे हैं। इस पहल से अब तक पैक्सों में 1,59, 424 नए सदस्य बनाए जा चुके हैं। पैक्सों में बड़ी संख्या में नए सदस्यों के जुड़ने के पश्चात राज्य के पैक्सों की संस्थागत मजबूती एवं प्रतिनिधिक क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी तथा वे सहकारी सेवाओं को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं समयबद्ध ढंग से उपलब्ध कराने में अपनी सशक्त भूमिका निभा सकेंगे।
सहकारिता विभाग द्वारा चलाए जा रहे इस राज्यव्यापी कार्यक्रम के जरिए पीवीसीएस में भी 13,059 नए सदस्य बनाए गए हैं। साथ ही सहकारी बैंकों में 20,874 नए बैंक खाते खोले गए हैं। इस राज्यव्यापी अभियान में अब तक लगभग 3 लाख लोगों ने अपनी सहभागिता दर्ज कराई है।
इस अभियान की सफलता पर माननीय मंत्री, सहकारिता विभाग, डॉ० प्रमोद कुमार ने कहा कि “राज्यव्यापी सदस्यता-सह-सहकारी जागरूकता अभियान सहकारिता आंदोलन को नई ऊर्जा और व्यापक आधार प्रदान कर रहा है। इस अभियान के माध्यम से बड़ी संख्या में किसान, ग्रामीण युवा और आमजन सहकारी व्यवस्था से जुड़ रहे हैं, जिससे पैक्स और सहकारी संस्थाएँ सशक्त हो रही हैं तथा सहकारी बैंकों के माध्यम से बैंकिंग सेवाएँ, ऋण सुविधाएँ और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाया जा रहा है। ”
इस अभियान के तहत सहकारी बैंकों में नए बैंक खाते खोले जा रहे हैं, के.सी.सी ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है तथा माइक्रो-ए.टी.एम के जरिए बैंकिंग सुविधाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा रही है। इसके साथ ही पैक्सों को मल्टी सर्विस सेंटर के रूप में विकसित करने की दिशा में कॉमन सर्विस सेंटर, जन औषधि केंद्र, किसान समृद्धि केंद्र सहित सहकारिता विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी लोगों को दी जा रही है।
अभियान के तहत ज्यादा सदस्य बनाने वाले पैक्सों के अध्यक्ष को प्रोत्साहित एवं सम्मानित भी किया जायेगा। जिला स्तर से सभी पंचायतों में सदस्यता-सह-सहकारी जागरूकता अभियान का रोस्टर बनाया गया है तथा पंचायत के किसानों के सहयोग से सभी पंचायतों में यह कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है।
इस अभियान के माध्यम से सहकारिता आंदोलन को नई गति मिलने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को नई ऊर्जा मिल रही है।


