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बच्चों के सशक्त भविष्य के लिए सहयोग जरूरी: सचिव*

– केयर लीवर्स को कौशल विकास से जोड़ने के निर्देश, महिला एवं बाल विकास निगम के कार्यक्रमों में होंगे शामिल

त्रिलोकी नाथ प्रसाद/समाज कल्याण विभाग की सचिव बन्दना प्रेयषी की अध्यक्षता में बिहार केयर लीवर्स एलायंस (बीसीएलए) के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य बाल देखरेख संस्थानों से 18 वर्ष पूर्ण होने के बाद बाहर निकलने वाले युवाओं (केयर लीवर्स) के सामाजिक पुनर्समावेशन, समग्र समर्थन और आत्मनिर्भर भविष्य निर्माण के लिए सहयोग तंत्र को अधिक मजबूत बनाना था। समाज में उन्हें एक सम्मानजनक जीवन जीने के लिए मार्ग प्रशस्त कराना है।
इस बैठक में बीसीएलए के 15 बच्चों ने अपने जीवन के अनुभव को साझा किए और संस्थान छोड़ने के बाद सामना की जाने वाली प्रमुख चुनौतियों को रखा। उन्होंने बताया कि आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, राशन कार्ड, स्वास्थ्य कार्ड जैसे आवश्यक दस्तावेज बनवाने में उन्हें भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जिससे शिक्षा, रोजगार और सरकारी योजनाओं का लाभ लेना मुश्किल हो जाता है।
सचिव ने इन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभिन्न विभागों से त्वरित समन्वय स्थापित कर केयर लीवर्स के लिए दस्तावेज निर्माण और अन्य सहायता प्रक्रियाओं को सरल एवं सुलभ बनाया जाए। उन्होंने केयर लीवर्स का मनोबल बढ़ाते हुए उन्हें सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन जीने के लिए प्रेरित किया। इसके अलावा सचिव ने बिहार केयर लीवर्स एलायंस को एक औपचारिक सामाजिक संगठन के रूप में पंजीकृत कराने की सलाह दी और सभी केयर लीवर्स को संगठन में शामिल होकर पीयर ग्रुप मेंटरिंग के माध्यम से एक-दूसरे की मदद करने का आह्वान किया। साथ ही, किसी भी सामाजिक पुनर्वास संबंधी समस्या के समाधान के लिए जिलों में संचालित वन स्टॉप सेंटर से संपर्क करने की सलाह दी गई।

महिला एवं बाल विकास निगम द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न कौशल विकास कार्यक्रमों से केयर लीवर्स को जोड़ने के निर्देश दिए गए। इस बैठक में यूनिसेफ के प्रतिनिधि, राज्य बाल संरक्षण समिति और समाज कल्याण निदेशालय के वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

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