सहरसा : हितधारकों की भूमिका विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला आयोजित
बाल हितेषी पंचायत बनाने के लिए सम्मलित प्रयास करना आवश्यक : भगवान जी पाठक

सहरसा, 24 सितंबर (के.स.)। अजय कुमार, जिला बाल संरक्षण इकाई एवं कवच समग्र शिक्षण एवं विकास संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में कवच परियोजना के अंतर्गत बाल हितैषी पंचायत के निर्माण के लिए विभिन्न हितधारकों की भूमिका विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला सफलतापूर्वक आयोजित की गई। कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई, दिवेश शर्मा एवं कवच परियोजना से अभिजीत डे बाल कल्याण समिति क़े अध्यक्ष ईश्वर चंद्र मिश्रा के द्वारा विधिवत दीप प्रज्वलित कर किया गया।
कार्यक्रम का संचालन कर रहे भगवान जी पाठक ने बताया कि एसएसईभीएस पिछले 36 वर्षों से बिहार के लगभग 11 जिलों में कार्यरत है तथा कवच परियोजना बिहार के 8 जिलों सहित कई राज्यों में बच्चों के अधिकारों एवं सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने तथा मॉडल जिला बाल संरक्षण प्रणाली विकसित करने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा हमें बाल हितेषी पंचायत बनाने के लिए मिल जुल कर प्रयास करना होगा।
सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई, दिवेश शर्मा ने अपने संबोधन एवं प्रस्तुति के दौरान संयुक्त राष्ट्र बाल अधिकार समझौते द्वारा सुनिश्चित बच्चों के अधिकारों एवं मिशन वात्सल्य के संबंध में प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रदान करते हुए बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण तथा उनके लिए सकारात्मक एवं सुरक्षित वातावरण के निर्माण हेतु आवश्यक बिंदुओं पर विस्तारपूर्वक चर्चा की।
कवच परियोजना से अभिजीत डे ने बाल हितैषी पंचायत की अवधारणा और उसके लक्ष्यों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि पंचायत स्तर पर बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और विकास से जुड़ी जरूरतों को योजनाओं में शामिल करना आवश्यक है। साथ ही, पंचायत उन्नति सूचकांक का संधारण कैसे किया जाए, इसका प्रस्तुतीकरण करते हुए प्रतिभागियों को इसकी प्रक्रिया और प्रमुख बिंदुओं की जानकारी दी।
कवच परियोजना प्रबंधक प्रकाश कुमार ने बताया कि बाल हितैषी पंचायत के निर्माण के लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ अपने दायित्वों को पूरा करना आवश्यक है।
कार्यशाला में बाल कल्याण समिति, सुपौल के अध्यक्ष ईश्वर चंद्र मिश्रा तथा सदस्य अफसरी इल्ताफ,पंचम नारायण सिंह, बाल संरक्षण पदाधिकारी मृगशेखर श्रीवास्तव के साथ जिले के सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, प्रखण्ड पंचायती राज पदाधिकारी, प्रखण्ड शिक्षा पदाधिकारी, श्रम परवर्तन पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
कवच परियोजना एवं समग्र शिक्षण एवं विकास संस्थान की ओर से अभिजीत डे, परियोजना प्रबंधक श्री तारापद, प्रकाश कुमार, नंदनी कुमारी, संगीता कुमारी, विभाष कुमार, राम विलास, नयन, श्रवण, संतोष सतीश एवं सभी कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने सुपौल को बाल हितैषी जिला बनाने का संकल्प लिया।


