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21 वर्षों में ‘बीमारू’ से ‘विकसित राज्य’ बनने की ओर अग्रसर बिहार तेज तरक्की राजद को रास नहीं आ रही – उमेश सिंह कुशवाहा

त्रिलोकी नाथ प्रसाद/बिहार जद(यू) के मा. प्रदेश अध्यक्ष श्री उमेश सिंह कुशवाहा ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि वे राजनीतिक दृष्टिदोष से ग्रसित हैं और उनकी पूरी राजनीति नकारात्मकता, भ्रम और निराधार आरोपों पर टिकी हुई है, इसलिए उन्हें बिहार की चैतरफा विकास यात्रा दिखाई ही नहीं दे रही।

उन्होंने कहा कि विकास से जुडे़ विषयों पर अनर्गल प्रलाप करने से पहले श्री यादव को अपने माता-पिता के कार्यकाल को अवश्य स्मरण करना चाहिए। लालू और राबड़ी के शासनकाल में ‘चरवाहा विद्यालय’ जैसी नीतियों के कारण बिहार की छवि धूमिल हुई थी, जबकि आज प्रत्येक जिले में इंजीनियरिंग एवं पाॅलिटेक्निक काॅलेज स्थापित हो रहे हैं।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राज्य में सड़कों का सुदृढ़ जाल बिछाया गया है। अब बिहार के किसी भी कोने से राजधानी पटना पहुँचना मात्र 4 से 5 घंटे का सफर रह गया है। पहले जर्जर सड़कों के कारण बिहार बदहाली का प्रतीक बन चुका था। बिजली की स्थिति भी किसी से छिपी नहीं है। एक समय बिजली का आना किसी त्योहार से कम नहीं होता था, जबकि आज सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में भी 22 से 23 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति हो रही है।

वर्ष 2005 तक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रतिमाह औसतन मात्र 39 मरीज आते थे, जबकि वर्तमान में यह संख्या बढ़कर 11

हजार से अधिक हो चुकी है। वर्ष 2005 की तुलना में शिशु मृत्यु दर, मातृ मृत्यु दर एवं नवजात मृत्यु दर में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। वर्तमान में बिहार की शिशु मृत्यु दर राष्ट्रीय औसत से भी कम है।

उन्होंने आगे कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के दौरान लचर कानून-व्यवस्था और सत्ता-प्रेरित अपराधियों के भय से कल-कारखाने बंद हो गए थे। रंगदारी और फिरौती के डर से निवेशक बिहार आने से कतराते थे। आज स्थिति पूरी तरह परिवर्तित हो चुकी है। बड़ी संख्या में निवेशक बिहार आ रहे हैं, नए उद्योग स्थापित हो रहे हैं और रोजगार के अवसरों का सृजन हो रहा है।

श्री कुशवाहा ने कहा कि बीते 21 वर्षों में बिहार के बजट का आकार लगभग 15 गुना बढ़ा है। साथ ही, वर्ष 2025-26 में राज्य की आर्थिक वृद्धि दर 14.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो देश के कई अग्रणी राज्यों से अधिक है। मा0 मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार की कुशल नीतियों के कारण 21 वर्षों में बिहार ‘बीमारू’ छवि से उबरकर विकसित राज्य बनने की दिशा में तेज़ी से अग्रसर हुआ है, और यही प्रगति राजद को रास नहीं आ रही ळें

 

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