ताजा खबर

चुनावी निष्पक्षता पर अनर्गल सवाल उठाकर जनता को गुमराह कर रहा राजद – उमेश सिंह कुशवाहा

त्रिलोकी नाथ प्रसाद/राजद शासनकाल में बूथ लूट की परंपरा ने बिहार की छवि को किया था कलंकित – उमेश सिंह कुशवाहा

बिहार जद (यू) के मा0 प्रदेश अध्यक्ष श्री उमेश सिंह कुशवाहा ने शुक्रवार को बयान जारी कर राजद पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चुनावी निष्पक्षता पर राजद द्वारा अनर्गल सवाल खड़़़े करना न केवल हास्यास्पद, बल्कि उसके राजनीतिक दोहरेपन को भी उजागर करता है।

श्री कुशवाहा ने कहा कि बिहार की जनता उस दौर को आज भी नहीं भूली है, जब राजद के शासनकाल में बूथों पर कब्जा, मतपेटियों की लूट और हिंसा के माध्यम से आम जनता को उसके मताधिकार से वंचित किया जाता था। सत्ता के संरक्षण में चुनावी हिंसा और बूथ लूट की संस्कृति ने बिहार की लोकतांत्रिक छवि को राष्ट्रीय स्तर पर कलंकित किया था।

उन्होंने कहा कि 2005 के बाद जब मा0 श्री नीतीश कुमार ने सत्ता संभाली, तब बिहार में कानून का राज स्थापित हुआ। आज बिहार में बूथ लूट और चुनावी हिंसा की वह काली परंपरा इतिहास बन चुकी है।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राजद समेत पूरा विपक्ष अपनी लगातार राजनीतिक विफलताओं की समीक्षा करने के बजाय संवैधानिक संस्थाओं और चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर निराधार प्रश्न खड़़़़े कर रहा है। जनता के बीच अपनी स्वीकार्यता खो चुका विपक्ष अब भ्रम और असत्य के सहारे राजनीतिक जमीन तलाशने में जुटा है। लेकिन बिहार की जागरूक जनता उसके इन हथकंडों को भली-भांति समझती है।

उन्होंने कहा कि जब भी सदन चलता है, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव विदेशों में छुट्टियां मनाने निकल जाते हैं। इससे स्पष्ट होता है कि वे जनता के सवालों और उसके हितों के प्रति कितने गंभीर हैं। बिहार की जनता ऐसे राजनीतिक आचरण को भी देख रही है और उसका मूल्यांकन कर रही है।

श्री कुशवाहा ने कहा कि चुनावी संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने से पहले राजद को अपने अतीत के आईने में झांकना चाहिए। राजनीतिक पराजय का ठीकरा चुनावी व्यवस्था पर फोड़़़ने के बजाय राजद को अपनी नीतियों, कार्यशैली पर गंभीर आत्ममंथन करना चाहिए।

 

Related Articles

Back to top button