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जिला पदाधिकारी, पटना द्वारा किसानों के ईकेवाईसी-फार्मर आईडी बनाने के लिए आयोजित विशेष कैम्प (6 से 21 जनवरी, 2026) में प्रगति की आज सायंकाल समीक्षा की गई तथा अद्यतन स्थिति का जायजा लिया गया।

त्रिलोकी नाथ प्रसाद/पदाधिकारियों को कैम्प में अधिक-से-अधिक किसानों की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए लक्ष्य के अनुसार उपलब्धि हासिल करने का निदेश दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि यह सरकार की उच्च प्राथमिकताओं में से एक है ताकि किसान बंधुओं को सरकार की लोक-कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुगमता से प्राप्त हो सके।

जिलाधिकारी ने कहा कि पटना जिला अंतर्गत सभी 322 पंचायतों में विशेष कैम्प लगाया जा रहा है। 21 जनवरी, 2026 तक अब यह अभियान चलेगा। अधिकारीगण तन्मयतापूर्वक कार्य कर रहे हैं। पदाधिकारियों द्वारा अंतर्विभागीय समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्य किया जा रहा है। शिविरों में जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा हर एक पंचायत के लिए कृषि समन्वयक/किसान सलाहकार तथा सहायक तकनीकी प्रबंधकों/प्रखंड तकनीकी प्रबंधकों को टैग किया गया है। साथ ही शिविरों के सफल आयोजन हेतु प्रखंडवार नोडल पदाधिकारी भी बनाए गए हैं। अनुमंडल पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रांतर्गत सभी अंचल अधिकारियों से सम्पर्क करते हुए शिविरों के लिए राजस्व संबंधी आवश्यक कार्य सुचारू रूप से कराने का निदेश दिया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि जिला कृषि पदाधिकारी को यह सुनिश्चित करने का निदेश दिया गया है कि संबंधित कृषि समन्वयक/किसान सलाहकार तथा सहायक तकनीकी प्रबंधक/प्रखंड तकनीकी प्रबंधक आवंटित पंचायतों में कैम्प मोड में किसानों के ईकेवाईसी का कार्य पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि फार्मर आईडी का उद्देश्य बहुआयामी है। प्रत्येक किसान की एकीकृत डिजिटल पहचान तैयार करने के साथ-साथ उन्हें कृषि विभाग की योजनाओं से जोड़ना एवं लाभों की आसान पहुँच सुनिश्चित करना है। कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं विशेषकर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, फसल सहायता योजना इत्यादि का सहज लाभ प्राप्त करने के लिए फार्मर रजिस्ट्री (किसानों की डिजिटल पहचान) आईडी आवश्यक है। साथ ही इससे किसानों के लिए संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन में *पारदर्शिता* सुदृढ़ होगी। इसे बनवाने के लिए विशेष कैम्प लगाया जा रहा है। भूमि से संबंधित दस्तावेज (स्वयं के नाम का ऑनलाईन जमाबंदी संबंधित दस्तावेज), आधार कार्ड एवं मोबाईल नम्बर फार्मर रजिस्ट्री आईडी बनवाने के लिए आवश्यक दस्तावेज हैं। किसानों की हरसंभव सहायता हेतु अनुमंडल पदाधिकारियों एवं जिला कृषि पदाधिकारी को निदेशित किया गया है। राज्य सरकार द्वारा हेल्पलाईन नंबर भी जारी किया गया है। कृषि विभाग का हेल्पलाईन नंबर 18001801551 तथा राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का हेल्पलाईन नंबर 18003456215 है। किसानों द्वारा किसी भी समस्या के समाधान के लिए उपर्युक्त हेल्पलाईन नंबरों के साथ जिला कृषि पदाधिकारी, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, प्रखंड कृषि पदाधिकारी, कृषि समन्वयक या किसान सलाहकार से सम्पर्क किया जा सकता है। किसान सलाहकारों, कृषि समन्वयकों एवं हल्का कर्मचारियों को किसानों को कैम्प में हर तरह की सहायता प्रदान करने का निदेश दिया गया है।

जिलाधिकारी ने कहा कि किसान बंधुओं को सभी सहायता प्रदान करने हेतु सम्पूर्ण प्रशासनिक तंत्र सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध है। त्वरित गति से किसानों का ईकेवाईसी करवाने हेतु तथा फार्मर रजिस्ट्री के लक्ष्य को ससमय पूरा करने के लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है।

जिलाधिकारी द्वारा पदाधिकारियों को यह भी निदेश दिया गया कि कैम्प का वृहत स्तर पर प्रचार-प्रसार करें। प्रखंड कृषि पदाधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे किसानों को कैम्प तक आने के लिए मोबिलाईज एवं फैसिलिटेट करें। पंचायत-स्तरीय विभिन्न विभागों के कर्मियों के माध्यम से सघन जागरूकता अभियान चलाएँ। माईकिंग के द्वारा किसानों को कैम्प के बारे में जानकारी दें ताकि वे कैम्प में भागीदारी सुनिश्चित करें।

जिलाधिकारी ने निदेश दिया कि संबंधित अधिकारी व्यक्तिगत रूचि लेते हुए कार्यों में अपेक्षित तेजी लाएँ। उन्होंने कहा कि कार्य में प्रगति लाने के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मियों को भी विशेष अभियान से संलग्न किया गया है। प्रखंड कृषि पदाधिकारी एवं अंचल अधिकारी संयुक्त रूप से माईक्रोप्लानिंग के अनुसार पंचायतों में सफलतापूर्वक कैम्प का आयोजन करें। संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी इसका अनुश्रवण करें।

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