मुजफ्फरपुर : मोतीपुर में चैत नवरात्रि महोत्सव की तैयारी शुरू, भव्य कलश यात्रा व यज्ञ अनुष्ठान का होगा आयोजन

मुजफ्फरपुर,25फरवरी(के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, मोतीपुर स्थित प्रसिद्ध सिद्ध पीठ ज्ञान एवं शक्ति भक्ति स्थल राजदेवी काली दुर्गा हनुमान बिषहर स्थान पर आगामी चैत नवरात्रि महोत्सव को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। आयोजन समिति द्वारा भव्य कलश यात्रा, यज्ञ-हवन, साधना अनुष्ठान, श्रीराम धुन तथा महामृत्युंजय मंत्र जाप सहित विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन की तैयारी प्रारंभ कर दी गई है।
आयोजन समिति के अध्यक्ष उपेंद्र महतो ने बताया कि इस वर्ष नवरात्रि महोत्सव को ऐतिहासिक और दिव्य स्वरूप देने की योजना बनाई गई है। महोत्सव का शुभारंभ 19 मार्च से होगा, जिसमें देश के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।कार्यक्रम प्रसिद्ध कथावाचक एवं संत महाराज श्री महाकाल जी आनंद दीपक जी महाराज सहित कई आचार्य एवं विद्वान संतों के सानिध्य में संपन्न होगा।
समिति के अनुसार महोत्सव के दौरान दुर्गा पूजन, यज्ञ-हवन, साधना अनुष्ठान, शिव-दुर्गा-गणेश-कार्तिकेय-विष्णु-हनुमान मंत्र जाप तथा विशेष रूप से महामृत्युंजय मंत्र का विधिवत जाप कराया जाएगा। धार्मिक कार्यक्रमों का प्रसारण पूर्व वर्षों की तरह इस बार भी धार्मिक टीवी चैनलों के माध्यम से किए जाने की तैयारी है।
आयोजन स्थल की विशेष धार्मिक मान्यता होने के कारण यहां हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। समिति ने बताया कि श्मशान एवं डंडा नदी के समीप स्थित इस सिद्ध पीठ पर महादेवी की आराधना से बाधा-विघ्नों से मुक्ति एवं कल्याण की मान्यता है।
बैठक में निर्णय लिया गया कि कार्यक्रम प्रशासनिक नियमों के अनुरूप आयोजित होगा तथा डीजे साउंड का उपयोग नहीं किया जाएगा। केवल निर्धारित मानकों के अनुसार सामान्य साउंड सिस्टम का ही प्रयोग किया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारी की जा रही है।
तैयारियों की समीक्षा बैठक में आचार्य अनिल तिवारी, कार्यक्रम प्रभारी महेंद्र पासवान, कोषाध्यक्ष राजा राम दास, संरक्षक मोहन केसरी, सचिव बालदेव राम, मीडिया प्रभारी बिजेंद्र पासवान, सुरक्षा प्रभारी गणेश पंडित, पूजा प्रभारी शत्रुघ्न सिंह सहित मंदिर एवं पूजा यज्ञ समिति के कई पदाधिकारी और श्रद्धालु उपस्थित रहे।
समिति ने पूर्व वर्षों की परंपरा के अनुसार इस बार भी भव्य कलश यात्रा निकालने तथा विधि-विधान से कलश स्थापना करने का निर्णय लिया है। आयोजन को सफल बनाने के लिए विभिन्न जिम्मेदारियां पदाधिकारियों को सौंपी गई हैं।



