*राज्य के 66799 विद्यालयों में आयोजित हुआ अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी*

*- बेहतर करने वाले अभिभावकों को किया गया सम्मानित*
त्रिलोकी नाथ प्रसाद।
राज्य के 66799 प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में 31 जनवरी को अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी का आयोजन किया, जिसमें शामिल होने वाले जागरूक अभिभावकों को प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों ने सम्मानित किया।
विदित हो कि बच्चों के समग्र विकास में सहभागिता करने वाले अभिभावकों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सभी विद्यालयों में ‘हम और आप मिलकर करेंगे बच्चों का समग्र विकास’ विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया था। इसका संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य बच्चों की अकादमिक प्रगति को व्यवस्थित रूप से अभिभावकों के साथ साझा करना एवं मोबाईल एवं सोशल मीडिया का विवेकपूर्ण उपयोग कर बच्चों को वास्तविक जीवन की गतिविधियों से जोड़ने हेतु अभिभावकों को प्रेरित करना है। शिक्षा मंत्री श्री सुनील कुमार की अनुशंसा और मार्गदर्शन में प्रारंभ किए गए ‘अभिभावक ऑफ द मंथ‘ पुरस्कार ने विद्यालयों और समुदाय के बीच एक सकारात्मक सेतु का कार्य किया। इस पहल के अंतर्गत प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों ने ऐसे जागरूक अभिभावकों को सम्मानित किया, जो अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजते हैं और घर पर अध्ययन के लिए उन्हें निरंतर सहयोग प्रदान करते हैं।
*पीटीएम में बच्चों को मिला ‘स्टूडेंट ऑफ द मंथ‘ पुरस्कार*
इसी संगोष्ठियों के माध्यम से बच्चों में नियमित विद्यालय उपस्थिति, गृहकार्य की निरंतरता, शैक्षणिक प्रगति के साथ-साथ स्वच्छता एवं अनुशासित आदतों को प्रोत्साहित करने हेतु ‘स्टूडेंट ऑफ द मंथ‘ पुरस्कार प्रदान किए गए। इस प्रयास से छात्रों में आत्मविश्वास, अनुशासन और सीखने के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होता हुआ स्पष्ट रूप से देखा गया। वर्तमान समय में छात्रों मं मोबाइल फोन और सोशल मीडिया की बढ़ती लत को लेकर शिक्षा मंत्री की संवेदनशील चिंता भी इस पीटीएम का एक महत्वपूर्ण केंद्र रही। शिक्षा मंत्री के निर्देशानुसार जनवरी 2026 की अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठियों में शिक्षकों द्वारा बच्चों एवं अभिभावकों के साथ सोशल मीडिया के संभावित लाभों एवं गंभीर दुष्प्रभावों पर सार्थक संवाद किया गया। इस चर्चा के माध्यम से बच्चों को संतुलित, विविकपूर्ण और सीमित उपयोग के प्रति जागरूक किया गया, साथ ही अभिभावकों को भी बच्चों के डिजिटल व्यवहार पर सकारात्मक मार्गदर्शन देने के लिए प्रेरित किया गया। शिक्षा मंत्री के नेतृत्व में शुरू की गई यह पहल स्पष्ट करती हैं कि बिहार सरकार न केवल शैक्षणिक उपलब्धियों पर, बल्कि बच्चों के समग्र विकास, मूल्यबोध और सुरक्षित भविष्य के निर्माण के प्रति भी पूर्णतः प्रतिबद्ध है। विभिन्न विद्यालयों मं विद्यार्थियों द्वारा सोशल मीडिया एवं मोबाईल के अत्यधिक उपयोग से संबंधित नाटक, रोल प्ले, कहानी आदि का मंचन किया गया।
इस संबंध में प्राथमिक शिक्षा के निदेशक श्री विक्रम विरकर ने बताया कि मई 2025 से लगातार प्रत्येक काह के आखरी शनिवार को बिहार के प्रारम्भिक विद्यालयों में वार्षिक पीटीएम कैलेंडर के अनुसार अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठि का आयोजन किया जा रहा है। प्रत्येक संगोष्ठि का एक विशेष थीम निर्धारित है, इसी थीम को केंद्र में रखकर संगोष्ठि आयोजित की जाती है। यह पहल निश्चित रूप से बच्चों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
*राज्य के 65 फीसदी विद्यालयों में सफलता पूर्वक पीटीएम संपन्न हुआ*
विभागीय आकड़ों के मुताबिक इस बार कुल 66799 विद्यालयों में 65 फीसदी विद्यालयों में सफलतापूर्वक पीटीएम का आयोजन किया गया। दिसंबर माह में पटना जिले के 31 फीसदी विद्यालयों में पीटीएम संबंधी आंकड़े प्राप्त हुए थे, वहीं जनवरी में बढ़कर यह 67 फीसदी हो गया। मधेपुरा दिसंबर 2025 में 26 फीसदी लाया वहीं जनवरी 2026 में यह बढ़कर 97.1 फीसदी, सहरसा में अभिभावक शिक्षक संगोष्ठि 27 फीसदी से बढ़कर 42 फीसदी पहुंच गया। प्राप्त आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि वर्ग 1 से 5 के अभिभावकों की सहभागिता संगोष्ठि में अधिक पाई जाती है वनस्पिती की वर्ग 6-8 के सबसे अधिक अभिभावक पटना, सीवान और जमुई के विद्यालयों में भाग लिए। जनवरी 2026 में आयोजित अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठि पीटीएम के दौरान राज्य के विद्यालयों में विशेष उत्साह और सहभागिता देखने को मिली।



