झारखण्डस्वास्थ्य

अब मंत्री-विधायक भी पाएंगे IAS-IPS जैसी मेडिकल सुविधा, डॉ. इरफान अंसारी ने लिया बड़ा फैसला

राँची: झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने राज्य के मंत्रियों, विधायकों, पूर्व विधायकों तथा उनके परिवारों के लिए एक बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अब उन्हें भी आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की तर्ज पर बेहतर एवं समुचित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने बताया कि यह महत्वपूर्ण निर्णय झारखंड के माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन जी के मार्गदर्शन और सहमति से लिया गया है। इसके लिए नई नियमावली का प्रारूप तैयार कर लिया गया है, जिसे जल्द ही मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की मंजूरी के लिए प्रस्तुत किया जाएगा।

*फैसले की प्रमुख बातें*

• मंत्रियों, विधायकों, पूर्व विधायकों एवं उनके परिवारों को आईएएस-आईपीएस अधिकारियों की तर्ज पर स्वास्थ्य सुविधा मिलेगी।

• नई नियमावली के तहत उन्हें उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा और चिकित्सा खर्च की प्रतिपूर्ति (रिइम्बर्समेंट) का लाभ मिलेगा।

• यह व्यवस्था ऑल इंडिया सर्विसेज मेडिकल अटेंडेंस रूल्स, 1954 की तर्ज पर लागू की जाएगी।

• चिकित्सा व्यय की प्रतिपूर्ति का भुगतान झारखंड विधानसभा सचिवालय के माध्यम से किया जाएगा।

• नई व्यवस्था लागू होने के बाद देश के विभिन्न अस्पतालों में बेहतर और कैशलेस इलाज की सुविधा प्राप्त करना आसान होगा।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि स्वास्थ्य की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है। जब राज्य का स्वास्थ्य विभाग आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराता है, तो मंत्रियों, विधायकों और पूर्व विधायकों को भी उसी स्तर की व्यवस्था मिलनी चाहिए। उन्होंने बताया कि कई जनप्रतिनिधियों ने इलाज के दौरान आने वाली कठिनाइयों और अस्पतालों में पर्याप्त कवरेज न मिलने की समस्या से उन्हें अवगत कराया था। इन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए गहन अध्ययन और विचार-विमर्श के बाद पुरानी व्यवस्था को समाप्त कर नई नियमावली लागू करने का निर्णय लिया गया है। झारखंड सरकार पहले से ही राज्य के सरकारी कर्मचारियों और अधिवक्ताओं को स्वास्थ्य बीमा का लाभ प्रदान कर रही है। अब नई व्यवस्था लागू होने के बाद मंत्रियों, विधायकों और पूर्व विधायकों को भी अधिक व्यापक, पारदर्शी और प्रभावी स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह निर्णय जनप्रतिनिधियों के स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को और व्यवस्थित तथा आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।यह पहल झारखंड के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक दूरदर्शी और सकारात्मक निर्णय के रूप में देखी जा रही है।

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