राजस्व न्यायालय प्रबंधन प्रणाली से जुड़ेंगे भूमि अर्जन प्राधिकार
प्राधिकारों के अभिलेख होंगे डिजिटल, नागरिकों को मिलेगी डिजिटल कॉपी : डॉ. दिलीप जायसवाल

त्रिलोकी नाथ प्रसाद/पटना। भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन प्राधिकारों की कार्यप्रणाली को डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने महत्वपूर्ण पहल की है। मंगलवार को राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल की अध्यक्षता में उनके कार्यालय कक्ष में पटना, गया, सारण, मुजफ्फरपुर, दरभंगा एवं सहरसा के पीठासीन पदाधिकारियों के साथ हुई बैठक में भूमि अर्जन प्राधिकारों को राजस्व न्यायालय प्रबंधन प्रणाली (RCMS) से जोड़ने और इनके सभी अभिलेखों को डिजिटाइज करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में माननीय मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि विभाग के सभी राजस्व न्यायालय राजस्व न्यायालय प्रबंधन प्रणाली के तहत संचालित हो रहे हैं। इसी व्यवस्था के अनुरूप भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन प्राधिकारों की कार्रवाई भी सुनिश्चित कराई जाएगी। इससे मामलों की सुनवाई, अभिलेखों के रखरखाव और मामलों की प्रगति की निगरानी को अधिक व्यवस्थित एवं डिजिटल बनाया जा सकेगा।
प्राधिकारों के सभी अभिलेख होंगे डिजिटाइज
माननीय मंत्री ने कहा कि विभाग के कागजात को डिजिटाइज करने का कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन प्राधिकारों में उपलब्ध सभी अभिलेखों को भी शीघ्र डिजिटाइज किया जाएगा। इसके बाद नागरिकों को प्राधिकार से संबंधित आवश्यक अभिलेखों की डिजिटल कॉपी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।
उन्होंने कहा कि डिजिटल व्यवस्था का उद्देश्य नागरिकों को सुविधा देने के साथ-साथ मामलों के निष्पादन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन का निर्देश
बैठक में माननीय मंत्री ने छह प्राधिकारों के कामकाज और लंबित मामलों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक पद रिक्त रहने के कारण प्राधिकारों में बड़ी संख्या में मामले लंबित हुए हैं। अब पदस्थापना के बाद पीठासीन पदाधिकारी सप्ताह में छह कार्य दिवस उपस्थित रहकर लंबित मामलों का तेज गति से निष्पादन सुनिश्चित करें। इस दौरान पटना के पीठासीन पदाधिकारी श्री हेमंत कुमार त्रिपाठी, गया के पीठासीन पदाधिकारी श्री विनोद कुमार तिवारी, सारण के पीठासीन पदाधिकारी श्री सम्पूर्णानन्द तिवारी, मुजफ्फरपुर के पीठासीन पदाधिकारी श्री अली अहमद, दरभंगा के पीठासीन पदाधिकारी श्री देवराज त्रिपाठी तथा सहरसा के पीठासीन पदाधिकारी श्री हसमुद्दीन अंसारी उपस्थित रहे।
माननीय मंत्री ने प्राधिकारों के पदाधिकारियों से कार्यालयों की वास्तविक स्थिति और उपलब्ध सुविधाओं की भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि पदस्थापना स्थल पर सुविधाओं की कमी की जानकारी विभाग के संज्ञान में है। पीठासीन पदाधिकारियों को उनके पद के अनुरूप आवश्यक सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विभाग प्रतिबद्ध है। इस संबंध में संबंधित जिला प्रशासन को भी पत्र भेजा जाएगा।
सभी कार्यालयों में उपलब्ध होंगे डिजिटल उपकरण
विभाग के सचिव श्री जय सिंह ने कहा कि बेहतर एवं डिजिटल कार्यप्रणाली के लिए सभी संबंधित कार्यालयों में शीघ्र आवश्यक डिजिटल उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने इस संबंध में संबंधित जिलों के डीएम एवं एडीएम को पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई कराने का निर्देश भू-अर्जन निदेशालय के निदेशक श्री कमलेश कुमार सिंह को दिया।
बैठक में सचिव श्रीमती सीमा त्रिपाठी, सहायक निदेशक श्री आजीव वत्सराज, उप निदेशक श्रीमती मोना झा, उप सचिव श्री अविनाश कुमार, सहायक निदेशक सह जनसंपर्क पदाधिकारी सुश्री जूही कुमारी, आईटी मैनेजर श्री आनंद शंकर, अवर सचिव श्री शिव जी, प्रशाखा पदाधिकारी श्रीमती रश्मि भारती, श्री शशि सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
