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किशनगंज : पीपीआईयूसीडी–आईयूसीडी प्रशिक्षण से सुदृढ़ होगी परिवार नियोजन की कड़ी

सुरक्षित मातृत्व और नियोजित परिवार की दिशा में किशनगंज का ठोस कदम

किशनगंज,19जनवरी(के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने तथा परिवार नियोजन सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में किशनगंज जिला निरंतर अग्रसर है। सुरक्षित, सरल एवं दीर्घकालिक गर्भनिरोधक साधनों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्टाफ नर्स एवं एएनएम के लिए पीपीआईयूसीडी एवं आईयूसीडी पर आधारित पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत सोमवार को की गई। यह प्रशिक्षण सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी के मार्गदर्शन में सदर अस्पताल, किशनगंज में आयोजित किया जा रहा है।

पीपीआईयूसीडी एवं आईयूसीडी महिलाओं के लिए अत्यंत सुरक्षित और प्रभावी गर्भनिरोधक उपाय हैं, जो दो बच्चों के बीच सुरक्षित अंतर सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाते हैं। प्रसव के तुरंत बाद पीपीआईयूसीडी लगाने से अनचाहे गर्भधारण से बचाव के साथ-साथ मातृ स्वास्थ्य में भी सकारात्मक सुधार होता है।

जिले भर से चयनित स्वास्थ्यकर्मी हो रहे प्रशिक्षित

19 जनवरी से शुरू हुए इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत स्टाफ नर्स, जीएनएम एवं एएनएम भाग ले रही हैं। प्रशिक्षण दो बैचों में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें प्रतिभागियों को पीपीआईयूसीडी एवं आईयूसीडी के सुरक्षित इन्सर्शन, आवश्यक सावधानियां, संभावित दुष्प्रभाव, फॉलो-अप तथा प्रभावी काउंसलिंग से संबंधित व्यावहारिक एवं तकनीकी जानकारी दी जा रही है।

प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रसव कक्ष में तैनात स्वास्थ्यकर्मी महिलाओं को सही परामर्श देकर आत्मविश्वास के साथ यह सेवा उपलब्ध करा सकें।

मिथकों को तोड़ने पर विशेष जोर

प्रशिक्षक सह डीसीएम सुमन सिन्हा ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान आईयूसीडी एवं पीपीआईयूसीडी से जुड़े सामाजिक मिथकों, गलत धारणाओं और आशंकाओं पर विशेष रूप से चर्चा की जा रही है।उन्होंने कहा कि जानकारी के अभाव में कई महिलाएं इन सुरक्षित साधनों को अपनाने से हिचकिचाती हैं। प्रशिक्षण के बाद स्वास्थ्यकर्मी न केवल तकनीकी रूप से दक्ष होंगे, बल्कि बेहतर काउंसलिंग के माध्यम से महिलाओं और उनके परिजनों का भरोसा भी जीत सकेंगे।

पीपीआईयूसीडी उपलब्धि में किशनगंज की मजबूत पहचान

सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने कहा कि परिवार नियोजन कार्यक्रम के क्षेत्र में किशनगंज जिला लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। पीपीआईयूसीडी उपलब्धि के मामले में जिला वर्तमान में राज्य में सातवें स्थान पर है, जो एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण के माध्यम से मानव संसाधन को और सशक्त बनाकर जिले की उपलब्धियों को और बेहतर किया जाएगा।

मातृ-शिशु स्वास्थ्य सुधार में अहम पहल

सिविल सर्जन ने प्रशिक्षण को मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि पीपीआईयूसीडी एवं आईयूसीडी जैसे आधुनिक गर्भनिरोधक साधनों की सही जानकारी और सुरक्षित उपयोग से अनचाहे गर्भधारण में कमी लाई जा सकती है। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों से अपील की कि वे समुदाय में जाकर महिलाओं को जागरूक करें और परिवार नियोजन को सकारात्मक विकल्प के रूप में प्रस्तुत करें।

महिलाओं को मिलेगा सुरक्षित और किफायती विकल्प

डीसीएम सुमन सिन्हा ने बताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं को सशक्त, किफायती और भरोसेमंद गर्भनिरोधक विकल्प उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। पीपीआईयूसीडी एवं आईयूसीडी के व्यापक उपयोग से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने की संभावना भी बढ़ेगी।

स्वास्थ्य विभाग को उम्मीद है कि इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण के बाद जिले में पीपीआईयूसीडी एवं आईयूसीडी सेवाओं की गुणवत्ता, स्वीकार्यता और उपलब्धता में उल्लेखनीय सुधार होगा, जिससे किशनगंज परिवार नियोजन के क्षेत्र में राज्य स्तर पर और मजबूत पहचान बनेगी।

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