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बिहार विधान सभा के माननीय अध्यक्ष डॉक्टर प्रेम कुमार ने अपने कार्यालय कक्ष में 3 बजे अपराह्न में लोक लेखा समिति एवं सरकारी उपक्रमों से संबंधित समिति के माननीय सदस्यों, बिहार सरकार के वरीय पदाधिकारीगण एवं सभा सचिवालय के पदाधिकारीगण के साथ एक समीक्षा बैठक की।

त्रिलोकी नाथ प्रसाद/इस बैठक माननीय अध्यक्ष ने इन समितियों से जुड़े विभाग में लंबित विषयों पर अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कुछ मामले 2008 से ही लंबित है, जिससे यह परिलक्षित होता है कि विभाग का पूर्ण सहयोग समिति को नहीं मिल पा रहा है। हम सभी जनप्रतिनिधि जनता की सेवा करते हैं एवं उनके कार्य को समिति या सदन के माध्यम से सुलझाने का प्रयास करते हैं। इन समितियों में लंबित 1000 से भी अधिक कंडिकाएं हमारी कार्य प्रकृति में सुधार की आवश्यकता की ओर इशारा करती हैं । माननीय अध्यक्ष ने निर्देश दिया कि प्राथमिकता के आधार पर अगले 6 महीने में हम लंबित मामलों को निपटाने का प्रयास करें। मुख्य सचिव अपने स्तर से सभी विभागों को निर्देश दें कि समिति के कार्यों का ससमय निष्पादन किया जाय। अक्सर यह देखा जाता है कि विभाग की समीक्षात्मक बैठक में वरीय पदाधिकारी अनुपस्थित रहते हैं। यह बैठक के महत्व को कम करता है। बिहार विधान सभा की प्रभारी सचिव यह सुनिश्चित करें कि भविष्य में सभी समीक्षात्मक बैठकों में संबंधित विभाग के अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/सचिव अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें। बैठक की तिथि संबंधित विभाग के प्रधान (अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/सचिव) की उपलब्धता के आधार पर रखी जाए क्योंकि विभाग प्रधान द्वारा यदि विभाग को निर्देश दिया जाएगा तो पूरी प्रक्रिया ससमय, पारदर्शी और गतिमान तरीके से पूरी हो सकेगी । सामान्यतया सत्र वर्ष में केवल तीन बार ही आहूत होता है, किंतु समितियां पूरे वर्ष सक्रिय होकर जनसाधारण के कल्याण एवं उनकी समस्याओं के निष्पादन हेतु कार्यरत रहती हैं । समिति विभिन्न मुद्दों की समीक्षा कर सरकार को सलाह भी देती है, जिससे बेहतर नियम,कानून एवं विधेयक लाए जाते हैं। भारतीय संसद में समितियां काफी सक्रिय हैं। ऐसी ही पद्धति हमें बिहार विधान सभा में लागू करनी है। समितियां मिनी पार्लियामेंट हैं, जिनकी सक्रियता सरकार की जवाबदेही तय करने के साथ सरकार को मदद भी करती हैं। मैं प्रति महीने सभी समितियों की एक समीक्षा बैठक अनिवार्य रूप से लूंगा। साथ ही, मैं सरकार से बात कर सत्र की अवधि को बढ़ाने की सिफारिश भी करूंगा ताकि सदन में विमर्श को ज्यादा समय मिल सके।

इस अवसर पर सरकारी उपक्रमों से संबंधित समिति के माननीय सभापति श्री हरि नारायण सिंह, लोक लेखा समिति के माननीय सभापति भाई वीरेंद्र, माननीय सदस्य सर्वश्री उमेश सिंह कुशवाहा, विजय कुमार खेमका,मनोज शर्मा, वित्त विभाग की सचिव श्रीमती रचना पाटिल,महालेखाकार के वरीय पदाधिकारी, बिहार विधान सभा की प्रभारी सचिव श्रीमती ख्याति सिंह सहित विभाग एवं सभा सचिवालय के अन्य वरीय पदाधिकारीगण उपस्थित रहे।

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