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*हमारा बिहार, हमारी सड़क मोबाइल ऐप से बदल रही ग्रामीण सड़कों की तस्वीर*

• ऐप के माध्यम से मिली कुल 2239 शिकायतों में 2097 का हो चुका है निष्पादन

 

त्रिलोकी नाथ प्रसाद।अगर आपके गांव में कोई सड़क खराब है और आप इससे परेशानी हैं, तो आपको बस एक ऐप पर इसकी शिकायत दर्ज करानी है। इस सड़क को ग्रामीण कार्य विभाग तत्काल दुरुस्त करेगा। ग्रामीण इलाके की सड़क और पुल-पुलिया से जुड़ी शिकायतों को दूर करने के लिए ग्रामीण कार्य विभाग ने ‘‘हमारा बिहार, हमारी सड़क’’ मोबाइल ऐप को विकसित किया है। इससे ग्रामीण सड़कों के रख-रखाव में एक क्रांतिकारी परिवर्तन दिख रहा है। यह ऐप अब बिहार के ग्रामीणों के लिए सिर्फ एक तकनीकी उपकरण नहीं, बल्कि उनकी समस्याओं के तत्काल समाधान का एक प्रभावशाली मंच बन चुका है।
वर्ष 2026 में इस ऐप के माध्यम से विगत 9 फरवरी तक कुल 2239 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें 2097 शिकायतों का सफलतापूर्वक समाधान किया जा चुका है। इस प्रकार प्राप्त शिकायतों में 93.66 प्रतिशत का निष्पादन किया जा चुका है। यह पहल डिजिटल तकनीक के माध्यम से आमजन को सरकारी तंत्र से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
वर्ष 2025 की शुरुआत में ही ऐप के शुभारंभ के पश्चात सर्वाधिक शिकायतें मुख्य अभियंता-5, मुजफ्फरपुर परिक्षेत्र से प्राप्त हुई हैं। मुजफ्फरपुर परिक्षेत्र में कुल 517 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 468 का निष्पादन किया जा चुका है। इसी प्रकार मुख्य अभियंता-6, दरभंगा परिक्षेत्र में 476 शिकायतें दर्ज हुई, जिनमें 448 का सफलतापूर्वक निवारण किया गया।

*शिकायत दर्ज करने के लिये क्या करें*
‘हमारा बिहार, हमारी सड़क’ मोबाईल ऐप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है। उपयोगकर्ता मोबाइल नंबर के माध्यम से लॉगिन कर अपने जिला, प्रखंड, पंचायत और गांव का चयन कर संबंधित सड़क या पुल-पुलियॉ की जानकारी एवं फोटो अपलोड कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। शिकायत तत्काल संबंधित पदाधिकारी तक प्रेषित हो जाती है।

*निर्धारित समय-सीमा में शिकायतों का निवारण*

विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुसार संबंधित अधिकारी को निर्धारित समय-सीमा के भीतर स्थल का निरीक्षण कर सड़क या पुल-पुलियॉ का मरम्मत कार्य सम्पादित कराना अनिवार्य है। कार्य पूर्ण होने के उपरांत स्थल का फोटो एवं प्रतिवेदन ऐप पर अपलोड किया जाता है, जिसे शिकायतकर्ता अपने लॉगिन आईडी के माध्यम से देख सकते हैं। समय-सीमा के अनुपालन में लापरवाही पाये जाने पर विभागीय कार्रवाई का भी स्पष्ट प्रावधान किया गया है।

बता दें कि इस अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से न केवल ग्रामीण क्षेत्रों की यातायात व्यवस्था में सुधार हुआ है, बल्कि आमजन की सक्रिय भागीदारी से बुनियादी ढ़ॉचे के विकास की गति भी तीव्र हुई है।

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