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*मखाना उद्योग को बढ़ावा देने पर सरकार का खास फोकस, उद्योगपति को हर संभव मदद करने का सीएस ने डीएम को दिया निर्देश*

– मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उद्योग वार्ता संपन्न, निवेशकों की समस्याओं का त्वरित समाधान का मिला भरोसा
– 14 निवेशकों और उद्योग प्रतिनिधियों ने ए-आई, ऑक्सीजन प्लांट, चीनी मिल और वित्त आदि से संबंधित प्रस्ताव रखे

त्रिलोकी नाथ प्रसाद।बिहार में औद्योगीकरण को गति देने और निवेशकों की राह आसान करने के उद्देश्य से गुरुवार को मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में ‘उद्योग वार्ता’ का आयोजन किया गया। इस वार्ता में मुख्य सचिव ने उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने बिहार में उद्योग लगाने में आ रही बाधाओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने के लिए अधिकारियों को कई आवश्यक निर्देश दिए। इसी क्रम में ‘एमबीए मखाना वाला’ के सीईओ श्रवण कुमार रॉय के मखाना-आधारित स्वस्थ खाद्य उत्पादों (डोसा, कुकीज आदि) के लिए पटना में स्थाई आउटलेट और गंगा पथ पर स्टॉल लगाने की मांग को उन्होंने गंभीरता से लिया। मुख्य सचिव ने मखाना को बिहार का ‘सुपरफूड’ बताते हुए जिलाधिकारी, पटना को उक्त उद्यमी को हर संभव मदद मुहैया कराने का निर्देश दिया।
पटना एयरपोर्ट के समीप स्थित वायुयान संगठन निदेशालय में सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक आयोजित इस बैठक में 14 निवेशकों और उद्योग प्रतिनिधियों ने ए-आई, ऑक्सीजन प्लांट, चीनी मिल और वित्त आदि से संबंधित प्रस्ताव और समस्याएं रखी। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि राज्य सरकार बिहार में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए कृतसंकल्पित है। उन्होंने संबंधित विभागों को भुगतान और उद्योग स्थापना से जुड़ी समस्याओं का त्वरित समाधान करने का आदेश दिया।
इस बैठक में उद्यमी दीपक कुमार ने ‘द फुटस्टेप्स ऑफ बुद्ध कॉरिडोर’ विकसित करने का प्रस्ताव रखा। इसमें भगवान बुद्ध की यात्राओं, उपदेश स्थलों और उनकी माता के अंतिम समय से जुड़े गांवों (राजगीर, बोधगया व अन्य) को जोड़ने की योजना है। उन्होंने अच्छी सड़क के निर्माण के लिए भी गुजारिश की। मुख्य सचिव ने इसे महत्वपूर्ण बताते हुए अधिकारियों को आवश्यक जानकारी एकत्र कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
पैलेडियम इंडिया के सीईओ अमित पटजोशी ने ‘को-डिजास्टर मैनेजमेंट प्रोग्राम’ के तहत बिहार को आपदा मुक्त बनाने का प्रस्ताव दिया, जिस पर उन्हें आपदा प्रबंधन विभाग के प्रमुख से मिलने का सुझाव दिया गया। आरमोन इंटरनेशनल के सीईओ अरुण कुमार सिंह ने ‘इंटीग्रेटेड एग्री-एनर्जी एंटरप्राइज प्रोग्राम’ का सुझाव दिया। मुख्य सचिव ने इस पहल की सराहना की और स्वयं इसकी समीक्षा करने का आश्वासन दिया।

बता दें कि बाहर से आने वाले निवेशकों की सुविधा का ध्यान रखते हुए यह बैठक पटना एयरपोर्ट के समीप आयोजित की गई थी। जिसमें गन्ना उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव के. सेंथिल कुमार, गन्ना आयुक्त अनिल कुमार झा, उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार, निदेशक मुकुल कुमार गुप्ता, ऊर्जा विभाग के सचिव मनोज कुमार सिंह और एसबीआई के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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