*सुरीले परिवार का चतुर्थ वार्षिकोत्सव मना*

त्रिलोकी नाथ प्रसाद। संगीत, संस्कृति और कला के संगम का प्रतीक “सुरीले परिवार” का चतुर्थ वार्षिकोत्सव रविवार को मनाया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि कला संस्कृति सह सचिव गृह विभाग के सचिव प्रणव कुमार, विशिष्ट अतिथि जिला प्रोबेशन पदाधिकारी, पटना अवनीश कुमार, तथा इंदु प्रसाद ने किया ।
कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. नन्दन कुमार सिन्हा द्वारा प्रस्तुत गणेश वंदना एवं सरस्वती वंदना से हुई। इसके बाद आशी कंठ ने स्वागत नृत्य प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया। सांगीतिक प्रस्तुतियों की कड़ी में नीलम रानी ने “सत्यम शिवम सुंदरम” गीत प्रस्तुत किया, जबकि प्रमोद कुमार सिन्हा ने “मेरा जूता है जापानी” गीत प्रस्तुत कर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। इसके अलावा प्रमोद कुमार सिन्हा, अशोक कुमार एवं डॉ. नन्दन कुमार सिन्हा द्वारा समूह गीत भी प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागी कलाकारों को मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि ने अंगवस्त्र एवं “सुरमयी प्रतिभा सम्मान” प्रदान कर सम्मानित किया।
अपने संबोधन में मुख्य अतिथि प्रणव कुमार ने महाकवि भर्तृहरि के श्लोक “साहित्य संगीत कला विहीनः साक्षात् पशुः पुच्छ विषाणहीनः” का उल्लेख करते हुए कहा कि संगीत मानव जीवन का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने कलाकारों के लिए चलाई जा रही विभिन्न सरकारी योजनाओं, जैसे वरिष्ठ कलाकार पेंशन योजना एवं कलाकारों के ऑनलाइन पंजीकरण की जानकारी भी दी।
वहीं विशिष्ट अतिथि अवनीश कुमार ने कहा कि गीत, संगीत और नृत्य न केवल मनोरंजन के साधन हैं, बल्कि आज के समय में संगीत के माध्यम से चिकित्सा (म्यूजिक थेरेपी) भी की जा रही है। ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।
इस अवसर पर संस्था के मुख्य संरक्षक रंजन कुमार श्रीवास्तव एवं पुष्पलता श्रीवास्तव, मुख्य संचालक प्रमोद कुमार सिन्हा, सह संचालिका नीलम रानी तथा सह संचालक राजन कुमार सिन्हा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
कार्यक्रम में आलोक रंजन, दयानंद, अचल, राजेश, राजीव कंठ, प्रवीण, विद्यानंद, विनीत, मनीष, प्रिंस, रविंद्र, सोनी प्रिया कंठ, बबली, पुष्पलता श्रीवास्तव, संध्या, रजनी, दीपाली, अभिलाषा, आकांक्षा, डॉ. नन्दन कुमार सिन्हा, नीलम रानी, प्रमोद कुमार सिन्हा, रंजन श्रीवास्तव, राजन कुमार सिन्हा एवं अन्य कलाकारों ने एकल एवं युगल गीतों की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का समापन सम्मान समारोह एवं धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।



