डीएम ने कृषि यांत्रिकरण मेला-सह-प्रदर्शनी का उद्घाटन किया..

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मेला में अनेक उपयोगी यंत्र उपलब्ध, खरीदने हेतु किसानों को बड़ी मात्रा में सब्सिडी दी जा रही है; डीएम ने किसानों से किया लाभ उठाने का आह्वान

वैज्ञानिक ढंग से खेती कर उत्पादकता एवं आमदनी बढ़ाई जा सकती है: डीएम

किसान भाइयों की हर संभव सहायता के लिए जिला प्रशासन प्रतिबद्ध : डीएम

फसल अवशेष प्रबंधन के लिए जागरूकता अभियान चलाने का डीएम ने दिया अधिकारियों को निर्देश

त्रिलोकी नाथ प्रसाद =जिला पदाधिकारी, पटना डॉ. चन्द्रशेखर सिंह द्वारा आज जिला-स्तरीय कृषि यांत्रिकरण मेला-सह-प्रदर्शनी का उद्घाटन किया गया। दो दिवसीय (22-23 नवम्बर, 2022) इस मेला का आयोजन श्रीमती राधिका सिन्हा इंस्टिच्यूट एवं सच्चिदानन्द सिन्हा लायब्रेरी परिसर, छज्जूबाग, पटना में किया गया है।

किसानों को संबोधित करते हुए डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि कोरोना के कारण दो साल के बाद इस मेला का आयोजन किया जा रहा है। कोरोना काल में सामान्य गतिविधियाँ बाधित थी। इस कृषि मेला में सभी प्रकार के आधुनिक कृषि यंत्र, फसल अवशेष प्रबंधन से संबंधित कृषि यंत्र यथा रीपर कम बाईडर, स्ट्रा रीपर, स्ट्रा बेलर, रोटरी मलचर, हेपी सीडर आदि के अलावे अन्य कृषि यंत्र भी उपलब्ध हैं। कृषि यांत्रिकरण मेला में किसान गोष्ठी के माध्यम से कृषि कार्य हेतु उपयोगी यंत्रों की विस्तृत जानकारी के साथ-साथ फसल अवशेष प्रबंधन की भी जानकारी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि आधुनिक एवं वैज्ञानिक तरीके से खेती कर उत्पादकता एवं आमदनी बढ़ाई जा सकती है। मेला में विभिन्न प्रकार के उपलब्ध उपयोगी यंत्रों पर बड़ी मात्रा में- 75 से 80 प्रतिशत तक- सब्सिडी दी जा रही है। सभी किसानबंधु इसका फायदा उठाएँ एवं अनुदान प्राप्त करें।

डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि फसल अवशेष प्रबंधन से संबंधित यंत्रों के प्रयोग से भी आमदनी बढ़ सकती है। साथ ही पर्यावरण संरक्षण के हमारे प्रयास को भी बल मिलता है। इसके अतिरिक्त साँस एवं दमा जैसी बीमारियों से पीड़ित घर के बड़े-बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता है। उन्होंने किसानों से आह्वान करते हुए कहा कि किसान भाई फसल अवशेष अपने खेतों में नहीं जलाएं। साथ ही उन्होंने पदाधिकारियों एवं किसान भाइयों से अनुरोध किया कि फसल अवशेष प्रबंधन से संबंधित अधिक से अधिक जानकारी तथा यंत्रों के उपयोग के संबंध में आम जनता के बीच वृहत स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाए।

डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि जैविक कृषि को प्रोत्साहित करने के लिए भी हम सभी निरंतर प्रयासरत हैं। यह मृदा-स्वास्थ्य एवं जन-स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभप्रद होने के साथ-साथ कृषि में उन्नति के लिए दीर्घकालीन विधि है।

डीएम डॉ. सिंह द्वारा कार्यक्रम के दरम्यान यंत्रों की खरीद करने वाले किसानों को चाभी भी प्रदान की गई।

जिला कृषि पदाधिकारी, पटना श्री विभु विद्यार्थी द्वारा इस अवसर पर कृषि यांत्रिकरण राज्य योजना वित्तीय वर्ष 2022-23 में उपलब्ध करायी जाने वाली कृषि यंत्रों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2022-23 में कृषि यांत्रिकरण राज्य योजना अंतर्गत 5.17 करोड़ का लक्ष्य निर्धारित है जिसके विरूद्ध 2933 आवेदन प्राप्त हुआ है।

डीएम डॉ. सिंह ने मेला के शुभारंभ से पहले किसानों के लिए उपयोगी यंत्रों एवं उपकरणों की प्रदर्शनी का निरीक्षण किया। प्रदर्शनी की उपयोगिता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि अधिक से अधिक किसान इसका लाभ उठाएँ। उन्होंने अधिकारियों को कृषि यंत्रों के रख-रखाव के बारे में किसानों को विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने का निदेश दिया।

डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि जलवायु-अनुकूल कृषि में कृषि यंत्रों का काफी महत्व है। उन्होंने कहा कि किसानों की हरसंभव सहायता के लिए जिला प्रशासन प्रतिबद्ध है।

इस अवसर पर जिला पदाधिकारी के साथ संयुक्त निदेशक (शष्य), सहायक निदेशक उद्यान, जिला मत्स्य पदाधिकारी, उप परियोजना निदेशक आत्मा एवं अन्य भी उपस्थित थे।