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जिलाधिकारी की अध्यक्षता में डीएलआईसी की बैठक; प्रदूषण नियंत्रण एवं पर्यावरण सुरक्षा हेतु सभी स्टेकहोल्डर्स को सजग एवं तत्पर रहने का दिया गया निदेश

वायु प्रदूषण स्तर में उत्तरोत्तर सुधार; इसे और बेहतर करने की जरूरतः जिलाधिकारी

त्रिलोकी नाथ प्रसाद/जिलाधिकारी, पटना डॉ. त्यागराजन एस.एम. की अध्यक्षता में आज समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में वायु प्रदूषण के रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु गठित जिला-स्तरीय क्रियान्वयन समिति (डीएलआईसी) की बैठक हुई। विभिन्न विभागों यथा नगर निकायों, परिवहन, यातायात, पथ निर्माण, प्रदूषण नियंत्रण, खनन, कृषि आदि के कार्यों की समीक्षा की गई तथा अद्यतन प्रगति का जायजा लिया गया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्द्धन के प्रति सभी भागीदारों (स्टेकहोल्डर्स) को सजग, तत्पर तथा प्रतिबद्ध रहना पड़ेगा। अन्तर्विभागीय समन्वय स्थापित करते हुए वायु प्रदूषण को कम करने के लिए सबको सक्रिय रहना होगा। कार्य योजना के अनुसार वैधानिक प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए ताकि वायु की गुणवता में निरंतर सुधार हो।

1. जिलाधिकारी ने कहा कि गाँधी मैदान, पटना; विभिन्न पुलों के नीचे, पटना समाहरणालय, अन्य कार्यालय परिसरों तथा जहाँ-जहाँ से जिला प्रशासन, पटना द्वारा अतिक्रमण हटाया जा रहा है वहाँ ग्रीनरी विकास-वृक्षारोपण की असीम संभावना है। उन्होंने अधिकारियों को इन सभी स्थलों एवं अन्य जगहों पर हरित विकास तथा पौधारोपण करने हेतु एक्शन प्लान के अनुसार कार्य करने का निर्देश दिया ताकि इससे शहर की हरियाली में बढ़ोतरी हो एवं धूलकण को रोकने में मदद मिले। जिलाधिकारी ने कहा कि इससे परिवेशीय वायु गुणवत्ता में सुधार लाया जा सकता है। जिला वन पदाधिकारी (पार्क डिवीजन), पटना को हरित क्षेत्र विकास के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने का निदेश दिया गया।

2. बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं एयर पॉल्यूशन एक्शन ग्रुप के अधिकारियों द्वारा समिति के संज्ञान में लाया गया कि इस वर्ष वर्तमान समय में एक्यूआई पिछले तीन-चार साल में न्यूनतम है। अभी एक्यूआई लगभग 200 या इसके नीचे है। विगत वर्ष इस समय यह 273 था। जिलाधिकारी ने पदाधिकारियों को वायु गुणवत्ता में सुधार हेतु लगातार प्रयत्नशील रहने का निदेश दिया।

3. जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को परिवेशीय वायु गुणवत्ता में सुधार लाने हेतु वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कार्य योजना बनाकर क्रियान्वित करने का निर्देश दिया।

4. जिलाधिकारी ने सभी विभागों को वृक्षारोपण हेतु स्थल चिन्हित कर जिला वन पदाधिकारी को स्थल की सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया ताकि हरित क्षेत्र में विकास-वृक्षारोपण का कार्य करवाया जा सके।

5. जिलाधिकारी द्वारा जिला परिवहन पदाधिकारी को प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के विरूद्ध नियमित तौर पर कार्रवाई करने का निदेश दिया गया।

6. पटना नगर निगम के द्वारा निर्माण एवं विध्वंस सामग्री एकत्र करने के लिए हेल्पलाइन नंबर 155304 जारी की गई है जिसके द्वारा संपर्क कर निर्माण एवं विध्वंस सामग्री का उठाव शुल्क के साथ करवाया जा सकता है। साथ ही सड़क पर निर्माण एवं विध्वंस सामग्री एकत्रित करने पर जुर्माना लगाया जा रहा है।जिलाधिकारी ने दानापुर निजामत, संपतचक, खगौल एवं फुलवारी शरीफ नगर निकाय के कार्यपालक पदाधिकारियों को भी निर्माण एवं विध्वंस सामग्री को सड़क पर पाए जाने की स्थिति में दोषियों के विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

7. जिलाधिकारी ने बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं एयर पॉल्यूशन एक्शन ग्रुप के द्वारा संचालित किए जा रहे क्लीन एयर डैशबोर्ड की समीक्षा की। उन्होंने दानापुर निजामत, खगौल एवं फुलवारी शरीफ नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारियों को क्लीन एयर डैशबोर्ड पर प्राप्त होने वाले वायु प्रदूषण से संबंधित शिकायतों के लिए टीम गठित कर करवाई करने का निर्देश दिया। राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम अन्तर्गत नगर परिषद, दानापुर निजामत, फुलवारीशरीफ, खगौल एवं सम्पतचक द्वारा कार्य योजना के अनुसार कार्य किया गया है। जिलाधिकारी द्वारा 15वीं वित्त आयोग से प्रदूषण मद में आवंटित राशि का नियमानुसार व्यय करने तथा व्यय की गई राशि का शीघ्र उपयोगिता प्रमाण-पत्र जमा करने का निदेश दिया गया।

8. जिलाधिकारी ने जिला कृषि पदाधिकारी एवं अनुमंडल पदाधिकारियों को किसानों के बीच पराली जलाने के दुष्प्रभाव, फसल अवशिष्ट प्रबंधन तथा कृषि अपशिष्टों से इथेनॉल के उत्पादन एवं अन्य वैज्ञानिक पहलुओं के बारे में जन-जागरूकता अभियान चलाने का निदेश दिया ताकि लोग पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशील हों।

9. जिलाधिकारी ने सभी स्टेकहोल्डर्स को पर्यावरण संरक्षण हेतु मिशन मोड में काम करने का निदेश दिया।

जिलाधिकारी ने कहा कि *प्रदूषण नियंत्रण हेतु अल्पकालीन एवं दीर्घकालीन उपायों को लागू करना जनहित में आवश्यक है। हम सभी को पर्यावरण सुरक्षा हेतु प्रतिबद्धता एवं संवेदनशीलता* प्रदर्शित करनी पड़ेगी।

ज़िलाधिकारी ने सभी संबद्ध पदाधिकारियों को पर्यावरण सुरक्षा हेतु वैज्ञानिक तरीके से एवं मिशन मोड में काम करने का निदेश दिया। उन्होंने कहा कि सभी क्षेत्रीय पदाधिकारी शैक्षणिक संस्थानों सहित विभिन्न क्षेत्रों में जागरूकता अभियान एवं संवेदीकरण कार्यशाला आयोजित कर लोगों को प्रोत्साहित करें।

 

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