उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री अभियान में राज्य की प्रगति संतोषजनक है।
त्रिलोकी नाथ प्रसाद/आज एक ही दिन में 63 हजार से अधिक किसानों का फार्मर रजिस्ट्री नामांकन होना दर्शाता है कि प्रशासन और किसान दोनों इस अभियान को गंभीरता से ले रहे हैं। वैशाली, शिवहर, बेगूसराय और कटिहार जैसे जिलों ने उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। वहीं जिन जिलों में प्रगति अपेक्षाकृत धीमी है, वहाँ विशेष रणनीति के साथ अभियान को और तेज किया जाएगा। हमारा लक्ष्य है कि हर पात्र किसान की फार्मर रजिस्ट्री सुनिश्चित हो, ताकि योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से राज्य के सभी पात्र किसानों तक पहुँचे।
फार्मर रजिस्ट्री ने पकड़ी रफ्तार : 45.7 फीसदी लक्ष्य प्राप्त, एक दिन में 63,491 नए पंजीकरण
वैशाली, शिवहर, बेगूसराय और कटिहार अग्रणी, सारण, सिवान, जमुई व पूर्वी चंपारण में सुधार में जुटे हैं अधिकारी
पटना : राज्य में फार्मर रजिस्ट्री (FR) नामांकन अभियान ने गति पकड़ ली है। सोमवार की ताजा प्रगति रिपोर्ट के अनुसार राज्य में कुल 85,53,570 पीएम किसान लाभार्थियों के विरुद्ध अब तक 39,13,143 किसानों का फार्मर रजिस्ट्री नामांकन हो चुका है, जो कुल का 45.7 प्रतिशत है। वहीं पीएम किसान से जुड़े 21,46,896 किसानों का फार्मर रजिस्ट्री पंजीकरण दर्ज किया गया है। सिर्फ आज के दिन 63,491 नए फार्मर रजिस्ट्री नामांकन हुए, जो अभियान की तीव्रता को दर्शाता है।
फार्मर रजिस्ट्री प्रतिशत के आधार पर वैशाली जिला 92 प्रतिशत के साथ राज्य में शीर्ष पर है। शिवहर (87%), बेगूसराय (79%), कटिहार (79%) और बक्सर (77%) भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। इन जिलों ने न केवल लक्ष्य के करीब पहुँचने की मिसाल पेश की है, बल्कि अन्य जिलों के लिए कार्यप्रणाली का मॉडल भी प्रस्तुत किया है।
दूसरी ओर, सारण (17%), सिवान (21%), जमुई (19%) और पूर्वी चंपारण (26%) जैसे जिलों में प्रगति अपेक्षाकृत धीमी है। इन जिलों में विशेष अभियान चलाकर ब्लॉक स्तर पर मॉनिटरिंग बढ़ाने में अधिकारी गण जुटे हुए हैं। वहां विशेष रूप से मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि राज्य औसत के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित की जा सके।
आज के फार्मर रजिस्ट्री में कटिहार, मुजफ्फरपुर, पश्चिम चंपारण, मधेपुरा और सुपौल का उल्लेखनीय योगदान रहा। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव श्री सीके अनिल के अनुसार कम प्रगति वाले जिलों में पीएम किसान सूची के आधार पर लक्षित रणनीति अपनाने और उच्च प्रदर्शन वाले जिलों की कार्यप्रणाली को लागू करने की व्यवस्था की जा रही है। सभी जिलों को लक्ष्य के करीब लाने के लिए विभाग के सभी अधिकारी और कर्मचारी विशेष प्रयास में लगे हुए हैं।

