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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अल्पसंख्यकों के सबसे बड़े हितैषी – परिमल कुमार

मुकेश कुमार/जद (यू0) प्रदेश प्रवक्ता श्री परिमल कुमार ने मीडिया में जारी बयान में कहा कि मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार अल्पसंख्यकों के सबसे बड़े हितैषी हैं।

उन्होंने कहा कि साल 2005 में बिहार की सत्ता संभालते ही मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने अल्पसंख्यक समुदाय के हित में कई क्रांतिकारी फैसले लिए जिसका परिणाम है कि आज अल्पसंख्यक समुदाय आत्मनिर्भर और सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत कर रहा है। उन्होंने कहा कि साल 2004-05 में लालू प्रसाद यादव के शासनकाल में अल्पसंख्यक समुदाय के कल्याण के लिए महज 3 करोड़ 53 लाख का बजट हुआ करता था वो मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के शासनकाल में बढ़कर 1004 करोड़ 22 लाख रुपए हो गया। इससे साफ झलकता है कि अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार कितने गंभीर हैं।

उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक कल्याण की योजनाओं को राज्य स्तर पर लागू करने के मकसद से स्वतंत्र निदेशालय की स्थापना की गयी। जिला स्तर पर जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी की नियुक्ति की गई। अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं के लिए प्री मैट्रिक, पोस्ट मैट्रिक जैसी छात्रवृत्ति योजनाएं चलाई गई। मुख्यमंत्री विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना के तहत प्रथम श्रेणी में मैट्रिक की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र-छात्राओं को 10 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि देने की योजना चलाई जा रही है।

राज्य सरकार अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के हित में सैंकड़ों मदरसों को सरकारी अनुदान देने का काम कर रही है साथ ही प्राथमिकता के आधार पर उर्दू शिक्षकों की नियुक्ति करने का भी काम कर रही है। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय की हजारों लड़कियों को हुनर कार्यक्रम के तहत 20 अलग-अलग विषयों में प्रशिक्षण देने का काम किया जा रहा है साथ ही उन्हें टूल किट भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मुस्लिम परित्यक्ता महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के मकसद से उन्हें 25 हजार रुपए की सहायता राशि भी उपलब्ध करायी जा रही है। साथ ही सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत छात्र-छात्राओं को यूपीएससी एवं बीपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा पास करने पर क्रमशः 1 लाख एवं 50 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि देने का काम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार की सरकार में साल 2006 से ही कब्रिस्तानों की घेराबंदी का काम शुरु किया गया। इस योजना के तहत पहले चरण तक अबतक कुल 8 हजार 361 कब्रिस्तानों की घेराबंदी का काम पूरा कर लिया गया है। बाद में साल 2021 में 1 हजार 209 कब्रिस्तानों की घेराबंदी का काम शुरु किया गया है जो कि जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि साल 1989 के भागलपुर दंगा पीड़ित परिवारों को मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने मरहम लगाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि इस दंगे की दोबारा जांच हेतु उन्होंने जांच आयोग का गठन किया साथ ही इस दुखद घटना के दौरान मारे और लापता व्यक्तियों के आश्रितों को 1 लाख रुपए प्रति मृत और लापता व्यक्ति की दर से आर्थिक सहायता देने का काम किया गया। साथ ही दंगों के दौरान मृतक के आश्रितों को सितंबर 2007 से 25 सौ रुपए प्रति व्यक्ति जबकि दिसंबर 2013 से 5 हजार रुपए प्रति व्यक्ति की दर से पेंशन का भुगतान करने का काम किया जा रहा है। वहीं करीब 11 हजार दंगा पीड़ित परिवारों को मकान और दुकानों की क्षतिपूर्ति हेतु 3 करोड़ 50 लाख रुपए मुआवजा देने काम किया गया है।

साल 1990 से लेकर 2005 तक के आरजेडी शासनकाल का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी ने मुस्लिमों का सिर्फ तुष्टीकरण किया है जिसका सबसे बड़ा प्रमाण सच्चर कमीशन की रिपोर्ट है।

 

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