गया जी में ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार एवं जर्मन विकास सहयोग परियोजना के संयुक्त तत्वावधान में विकसित भारत-जी राम जी के अंतर्गत जलवायु अनुकूल संरचनाओं के निर्माण के माध्यम से ग्रामीण विकास को नई गति देने के उद्देश्य से दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला ‘Climate Manthan – Multistakeholder Dialogue for Transforming Rural India through VB-G RAM G’ का शुभारंभ हुआ।

त्रिलोकी नाथ प्रसाद/इस राष्ट्रीय कार्यशाला में केंद्र एवं राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारियों, विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों, जर्मनी दूतावास के वरिष्ठ पदाधिकारियों तथा जर्मन विकास सहयोग (GIZ) के विशेषज्ञों ने भाग ले रहे है। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जलवायु अनुकूलन, जलवायु सहनशीलता, आपदा जोखिम न्यूनीकरण तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों, नवाचारों एवं अनुकरणीय प्रथाओं को साझा करना और उनके प्रभावी क्रियान्वयन की संभावनाओं पर विचार-विमर्श करना है।
कार्यशाला के शुभारंभ के दौरान ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार की संयुक्त सचिव रोहिणी भाजीभाकरे, विकसित भारत-जी राम जी के निदेशक संजय कुमार, ग्रामीण विकास विभाग, बिहार के अपर मुख्य सचिव एच. आर. श्रीनिवास तथा आयुक्त, विकसित भारत-जी राम जी, बिहार अंजनि कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त 28 राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी, जर्मनी दूतावास के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं GIZ के विशेषज्ञ भी इस कार्यशाला में भाग ले रहे हैं। ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव श्री रोहित कांसल ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए।
कार्यशाला के दौरान विकसित भारत-जी राम जी के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में जलवायु परिवर्तन एवं आपदा जोखिमों से निपटने के लिए टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण, जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन तथा जलवायु अनुकूल ग्रामीण अवसंरचना के विकास पर विशेष चर्चा की जा रही है।
कार्यशाला में विशेष रूप से विकसित भारत जी राम जी के श्रेणी-IV (Category-IV) के अंतर्गत जलवायु परिवर्तन एवं प्राकृतिक आपदाओं से संबंधित प्रभावों को कम करने, जलवायु-सहिष्णु परिस्थितियों के सृजन, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा ग्राम पंचायत स्तर पर जलवायु एवं आपदा जोखिमों के अनुरूप कार्ययोजना तैयार करने से संबंधित पहलुओं पर चर्चा की जा रही है।
इस राष्ट्रीय संवाद के माध्यम से राज्यों के बीच अनुभवों का आदान-प्रदान किया जा रहा है जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में जलवायु अनुकूल एवं टिकाऊ विकास की दिशा में प्रभावी रणनीतियों को आगे बढ़ाने में सहायता मिलेगी।
बिहार के संदर्भ में यह कार्यशाला विशेष महत्त्व रखती है। राज्य में जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण तथा जलवायु सहनशील ग्रामीण परिसंपत्तियों के निर्माण से संबंधित प्रयासों को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने के साथ-साथ अन्य राज्यों के अनुभवों से सीखने का अवसर प्राप्त होगा।
कार्यशाला का व्यापक उद्देश्य विकसित भारत-जी राम जी के माध्यम से ग्रामीण विकास को अधिक समावेशी, टिकाऊ एवं जलवायु अनुकूल बनाना तथा ग्राम पंचायत स्तर पर ऐसी परिसंपत्तियों का निर्माण सुनिश्चित करना है, जो ग्रामीण समुदायों की आजीविका को सुदृढ़ करने के साथ-साथ जलवायु परिवर्तन एवं प्राकृतिक आपदाओं के प्रभावों से निपटने में भी सहायक हों।

