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*संगठन की सक्रियता से कलम की ताकत को जोड़ने की हुई पहल*

जितेन्द्र कुमार सिन्हा, जाति से हट कर पत्रकारिता, लेखन और सामाजिक सरोकारों से जुड़े लोगों को एक मंच पर संगठित करने की दिशा में “संघ कलमजीवी” लगातार अपनी गतिविधियों को विस्तार देने की तैयारी में है। इसी क्रम में रविवार को पटना के रामनगरी मोड़ स्थित संघ के कार्यालय में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता डॉ. प्रभात चंद्रा ने की। बैठक में संगठन की आगामी गतिविधियों, सदस्यता अभियान, प्रचार-प्रसार और सोशल मीडिया की सक्रियता सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में उपस्थित सदस्यों ने “संघ कलमजीवी” की गतिविधियों को अधिक व्यवस्थित, प्रभावी और जनसरोकार से जोड़ने के लिए अपने-अपने सुझाव दिए। सदस्यों का मानना था कि किसी भी संगठन की मजबूती केवल उसके पदाधिकारियों या सदस्यों की संख्या से नहीं, बल्कि उसकी सक्रियता, आपसी समन्वय और समाज के बीच उसकी उपस्थिति से तय होती है। इसी उद्देश्य से बैठक में आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने के साथ-साथ गतिविधियों को सिलसिलेवार तरीके से संचालित करने पर चर्चा हुई। संगठन की सदस्यता बढ़ाने तथा अधिक से अधिक कलमजीवियों को इससे जोड़ने पर भी विशेष जोर दिया गया।

बैठक में फेसबुक गतिविधियों को भी अधिक प्रभावी बनाने पर चर्चा हुई। सदस्यों ने संगठन के कार्यक्रमों, सामाजिक गतिविधियों और आगामी आयोजनों को सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने के लिए नियमित पोस्ट किए जाने की आवश्यकता बताई। इसके साथ ही पोस्टर और बैनर के माध्यम से प्रचार-प्रसार को भी गति देने पर विचार हुआ। सदस्यों का मानना था कि आज के डिजिटल दौर में सोशल मीडिया जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थानों पर संगठन की पहचान को मजबूत करना भी है। इसके लिए योजनाबद्ध तरीके से प्रचार सामग्री तैयार करने और विभिन्न कार्यक्रमों में संगठन के बैनर की उपस्थिति सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई।

बैठक का एक महत्वपूर्ण निर्णय आगामी पर्व-त्योहारों से जुड़ा रहा। दुर्गा पूजा, दीपावली, गोवर्धन पूजा, चित्रगुप्त पूजा और छठ महापर्व जैसे प्रमुख अवसरों पर “संघ कलमजीवी” के बैनर के साथ गतिविधियां आयोजित करने पर सभी सदस्यों ने एकमत से सहमति व्यक्त की। इन पर्वों को केवल धार्मिक आयोजन के रूप में नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक जुड़ाव के अवसर के रूप में भी देखा गया। संगठन की कोशिश होगी कि इन अवसरों पर सदस्यों की सामूहिक भागीदारी दिखाई दे और समाज के बीच “संघ कलमजीवी” की सकारात्मक पहचान मजबूत हो।

बैठक में सदस्यता अभियान को संगठन के विस्तार का महत्वपूर्ण आधार माना गया। अधिक से अधिक कलमजीवियों, पत्रकारों, लेखकों और समाज से जुड़े सक्रिय लोगों को संगठन से जोड़ने की दिशा में प्रयास तेज करने पर चर्चा हुई। सदस्यों ने इस बात पर भी जोर दिया कि संगठन में जुड़ने वाले प्रत्येक व्यक्ति की सक्रिय भूमिका होनी चाहिए। केवल सदस्य संख्या बढ़ाना ही लक्ष्य नहीं है, बल्कि सदस्यों के बीच संवाद, सहयोग और संगठनात्मक गतिविधियों में भागीदारी को प्राथमिकता देना जरूरी है।

बैठक में यह भी तय किया गया कि संगठन की अगली बैठक 10 अक्टूबर, शनिवार को अपराह्न 4 बजे से आयोजित की जाएगी। आगामी बैठक में वर्तमान निर्णयों की प्रगति की समीक्षा के साथ-साथ आने वाले पर्व-त्योहारों की गतिविधियों और संगठन के अन्य कार्यक्रमों को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है।

रविवार को आयोजित बैठक में बृज भूषण लाल कर्ण, विजय कुमार श्रीवास्तव, डॉ. आर.के. गुप्ता, शैलेश कुमार, अनुराग समरूप, डॉ. चेतना, डॉ. राकेश, चार्टर्ड अकाउंटेंट देवांशु तथा जितेन्द्र कुमार सिन्हा प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। बैठक के दौरान सदस्यों के बीच आपसी संवाद और संगठन को आगे बढ़ाने की भावना स्पष्ट दिखाई दी। सभी ने अपने सुझावों के माध्यम से संगठन की गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाने में सहयोग का भरोसा दिया।

“संघ कलमजीवी” की बैठक से यह संदेश स्पष्ट है कि संगठन अपनी पहचान को केवल बैठक और औपचारिक गतिविधियों तक सीमित रखने के बजाय सामाजिक-सांस्कृतिक अवसरों के माध्यम से जनसंपर्क और सहभागिता को बढ़ाना चाहता है। सदस्यता अभियान, सोशल मीडिया, पोस्टर-बैनर और पर्व-त्योहारों में सामूहिक गतिविधियां इसी दिशा में उठाए जा रहे कदम हैं। आने वाले दिनों में इन फैसलों को जमीन पर किस तरह उतारा जाता है, यही संगठन की सक्रियता और प्रभाव का वास्तविक पैमाना होगा। फिलहाल, 4 अक्टूबर की बैठक ने आगामी कार्यक्रमों के लिए एक स्पष्ट दिशा और नई ऊर्जा जरूर प्रदान की है।
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