अररिया : विद्यालय में मारपीट मामले में शिक्षक निलंबित, दो पर विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा
सात शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति भी रद्द, 24 घंटे में मूल विद्यालय में योगदान का निर्देश
अररिया, 23 सितंबर (के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, नरपतगंज प्रखंड के कुनकुन देवी +2 उच्च विद्यालय, फुलकाहा में शिक्षकों के बीच मारपीट और अभद्र व्यवहार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है। जांच रिपोर्ट के आधार पर एक शिक्षक को निलंबित कर दिया गया है, जबकि दो के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है। वहीं, अररिया सदर प्रखंड में बिना सक्षम अनुमति के प्रतिनियुक्त किए गए सात शिक्षक-शिक्षिकाओं की प्रतिनियुक्ति रद्द कर दी गई है।
जिला शिक्षा पदाधिकारी के निर्देश पर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी नरपतगंज की जांच में विद्यालय परिसर में छात्र-छात्राओं के सामने शिक्षक आशीष आनंद और शारीरिक शिक्षक बृजभूषण यादव के बीच मारपीट, गाली-गलौज एवं अभद्र भाषा के इस्तेमाल की पुष्टि हुई। जांच में हमला करने का प्रयास किए जाने की बात भी सामने आई। मामले में प्रधानाध्यापक मो. महफुजुल्लाह की भूमिका भी संदेहास्पद एवं लापरवाहीपूर्ण पाई गई।
विद्यालय संचालन में लापरवाही और अनुशासन प्रभावित होने के मामले में प्रधानाध्यापक को तत्काल प्रभाव से अनुशासनिक कार्रवाई के अधीन किया गया है। उनके खिलाफ अलग से आरोप पत्र प्रपत्र ‘क’ जारी किया जाएगा।
वहीं, शिक्षक आशीष आनंद का स्पष्टीकरण असंतोषजनक पाए जाने पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय प्रखंड संसाधन केंद्र, जोकीहाट निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।
शारीरिक शिक्षक बृजभूषण यादव के खिलाफ विद्यालय परिसर में मारपीट, अनुशासनहीनता और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में नियोजन नियमावली, 2020 के तहत विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की गई है।
सात शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति रद्द
जिला शिक्षा पदाधिकारी की अनुमति के बिना अररिया सदर प्रखंड में प्रतिनियुक्त सात शिक्षक-शिक्षिकाओं की प्रतिनियुक्ति भी रद्द कर दी गई है। संबंधित शिक्षकों को 24 घंटे के भीतर मूल पदस्थापित विद्यालय में योगदान देने का निर्देश दिया गया है। इनमें मो. इरशाद रहमानी, मुनेश्वर प्रसाद सिंह, जर्री शम्स, मो. नौशाद आलम, मो. मसुद आलम, प्रियंका प्रियदर्शिनी और गीता कुमारी शामिल हैं। शिक्षा विभाग ने विद्यालयों में अनुशासनहीनता और शैक्षणिक वातावरण प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं।


