प्रमुख खबरें

हिंदी और मैथिली साहित्य के प्रसिद्ध कवि, लेखक और सामाजिक कार्यकर्ता बाबा नागार्जुन जी की जयंती पर बिहार विधान सभा के माननीय डॉ.प्रेम कुमार ने उन्हें कोटिशः नमन करते हुए भावभीनी भावांजलि अर्पित की है।

त्रिलोकी नाथ प्रसाद। उन्हें ‘जन कवि’ भी कहा गया। बाबा नागार्जुन का मूल नाम वैद्यनाथ मिश्र था और वे मैथिली में ‘यात्री’ नाम से रचना करते थे। नागार्जुन की रचनाओं में जनवादी विचारों की प्रमुखता से ओत प्रोत गरीबों, किसानों और मजदूरों के संघर्ष को मुखर आवाज दी। उन्होंने कई उपन्यास,लघु कथाएं,आत्म कथाएं व यात्रा वृतांत भी लिखे। उनकी प्रमुख कृतियों में “बादल को घिरते देखा है”, “युगधारा”,”पत्रहीन नग्न गाछ”(मैथिली) और “हजार-हजार बाँहों वाली”शामिल हैं। साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें “साहित्य अकादमी पुरस्कार” से सम्मानित किया गया था।

Related Articles

Back to top button