दलित इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ बिहार ने जूम क्लाउड पर ऑनलाइन “उधमी पाठशाला” का किया आयोजन, 375 उद्यमियों ने लिया भाग लिया..

पटना/त्रिलोकीनाथ प्रसाद, दलित इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ बिहार ने जूम क्लाउड पर ऑनलाइन “उधमी पाठशाला” का आयोजन किया।इसमें 375 उद्यमियों ने भाग लिया।उधमी पाठशाला के कक्षा को इस एसोसिएशन के संस्थापक अध्यक्ष डॉ० जितेंद्र पासवान ने लिया।
कक्षा का संचालन करते हुए डॉक्टर पासवान ने निम्नलिखित बातें बताई जो निम्न है:-
- Sc-st समुदाय को अपने आर्थिक विकास के लिए ग्रामीण एवं कुटीर उद्योग से जुड़ना होगा।इसके लिए अपने समुदाय के बीच कलस्टर, स्वयं सहायता समूह, संयुक्त आजीविका समूह बनाकर बैंक और बाजार से जुड़ना होगा।
- अपने नए एवं युवा उद्यमियों को नवाचार एवं स्टार्टअप बनकर ग्रामीण क्षेत्रों में ई कॉमर्स एवं ड्रॉपशिपिंग स्थापित करने के लिए प्रेरित किया।साथ ही साथ जेम (गवर्नमेंट -ई- मार्केटिंग) में द सरस कलेक्शन के द्वारा ग्रामीण उत्पाद को आँनलाईन बेचने के लिए प्रेरित किया।
- सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार के स्कीम जैसे-आईएफसीआई वेंचर कैपिटल फंड फॉर शेड्यूल कास्ट एवं कैश क्रेडिट इनहानसमेंट सब्सिडी गारंटी स्कीम तथा जनजातीय कार्य मंत्रालय के वन उद्योग संबंधी स्कीम पर विस्तार से चर्चा किया।
उपस्थित उद्यमियों के विशेष आग्रह पर डॉक्टर पासवान ने माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा घोषित 20 लाख करोड़ में से वित्त मंत्री भारत सरकार द्वारा छह लाख करोड़ का विभाजन पर विशेष चर्चा किया गया।इसमें बताया गया कि-एमएसएमई, ग्रामीण एवं कुटीर उद्योग के लिए तीन लाख करोड़, बिना जमानत लोन।एमएसएमई, ग्रामीण एवं कुटीर उद्योग के लिए सबोर्डिनेट डेट, 20 हजार करोड़।एमएसएमई फंड्स ऑफ़ फंड के लिए 50 हजार करोड़।कर्मचारियों के 3 माह का ईपीएफ 25 सौ करोड़।कारोबार और कर्मचारियों के ईपीएफ कम योगदान के लिए 65 सौ करोड़।एनबीएफसी, एचएफसीएमएफआई को 30 हजार करोड़ का नगदी सुविधा।एनबीएफसी के पार्सियल गारंटी स्कीम 45 हजार करोड़।बिजली वितरण कंपनी को 90 हजार करोड़।टीडीएस/टीसीएस कटौती के लिए 50 हजार करोड़।इस कक्षा में नाबार्ड, सिडबी, आरबीआई, एनएचबी, एकजिम बैंक आदि के स्कीमों और गाइड लाइन पर भी चर्चा किया गया।अंत में लॉक डाउन-4 की तैयारी एवं अपने समुदाय और स्वयं का सुरक्षा करते हुए देश की आर्थिक गति के लिए कार्य करने के लिए प्रेरित किया गया।इस पाठशाला को कोऑर्डिनेट दिलीप कुमार राम और श्री अतुल कुमार ने किया।पाठ्यक्रम संग्रह इंजीनियर चंदन कुमार पासवान ने किया।पूरा प्रबंधन निहारिका पांडे ने किया।



