
राँची//राजधानी राँची में पुलिस ने रेकी कर बंद घरों में चोरी की वारदात को अंजाम देकर जेवर और नकदी उड़ाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। इसमें जेवर दुकानदार भी शामिल है। बता दे कि नामकुम थाना क्षेत्र में हुई तीन गृहभेदन और चोरी की वारदातों का खुलासा करते हुए पुलिस ने एक संगठित गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों के नाम फिरदोस अली (19) और जेवर दुकानदार दिलीप सोनी (37) हैं। दोनों का आपराधिक इतिहास रहा है और पहले भी चोरी व ज्वेलरी खपाने के मामलों में जेल जा चुके हैं। फिरदोस अली नामकुम थाना क्षेत्र के मौलाना आजाद कॉलोनी का रहने वाला है। वहीं, दिलीप सोनी का घर लालपुर थाना क्षेत्र के लोहरा कोचा में है।
एसआईटी का गठन और धराये संदेही…
इस पूरे मामले का खुलासा रांची के रुरल एसपी प्रवीण पुष्कर ने किया। उन्होंने बताया कि लगातार हो रही चोरी की वारदातों को एसएसपी राकेश रंजन ने गंभीरता से लिया और एसआईटी का गठन किया गया। जिसके बाद ग्रामीण एसपी की निगरानी में मुख्यालय डीएसपी के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई। टीम ने तकनीकी और मानवीय दोनों स्तर पर जांच शुरू की और संदिग्धों पर नजर रखते हुए दबिश देकर दोनों आरोपियों को दर दबोचा।
गिरोह के और भी सदस्य रडार पर…
एसपी के अनुसार गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान कर ली गई है। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही इस नेटवर्क की पूरी तस्वीर सामने आ जाएगी।
बंद घरों की रेकी कर, देते थे चोरी की घटना को अंजाम…
एसपी प्रवीन पष्कर ने बताया कि चोर गिरोह में आधा दर्जन से अधिक अपराधी शामिल हैं। ये बंद घरों की रेकी करते हैं। इसके बाद चोरी की घटना अंजाम देते हैं। गिरोह के सदस्य मोहल्लों में घूमकर यह देखते थे कि कौन-सा घर दिन में खाली रहता है। रेकी के बाद मौका मिलते ही ताला तोड़कर अंदर घुस जाते थे। ये ज्यादातर जेवर और नकदी चुराते हैं। एसपी ने आगे बताया कि चोरी के गहनों को कांटाटोली स्थित “मां ज्वेलर्स” में बेचा जाता था। जेवर दुकान मालिक दिलीप सोनी गहनों को सस्ते दाम में खरीदकर तुरंत गला देता था और उसी सोने से नए जेवर बनाकर बाजार में ऊंचे दाम पर बेच देता था।
क्या-क्या मिला पुलिस को…
छापेमारी में पुलिस ने बड़ी मात्रा में गहने और सोना बरामद किया है। इनमें करीब 15.40 ग्राम गलाया हुआ सोना पत्तर और स्क्रैप, लगभग 18 ग्राम की बड़ी और छोटी अंगूठियां, मंगलसूत्र का लॉकेट, नथिया, दोलना मिलाकर करीब 23.10 ग्राम, भगवान व अन्य डिजाइन के लॉकेट (करीब 8.5 ग्राम), कान की बाली और टॉप्स (करीब 22 पीस), लगभग 33.5 ग्राम चांदी जैसे आभूषण, एक रजिस्टर, जिसमें मोबाइल नंबर दर्ज हैं और ओप्पो कंपनी का मोबाइल फोन शामिल है।

(मामले पर क्या कहा रांची के रूरल एसपी ने देखे वीडियो)

