*फाइलेरिया पर प्रहार : राज्य में 1.20 करोड़ से अधिक लोगों ने किया दवा का सेवन*
– 11 फरवरी को एक दिन में 60 लाख से अधिक लोगों को खिलाई गई थी फाइलेरियारोधी दवा
– 34 जिलों में जीविका दीदी और स्वास्थ्य कर्मचारी चला रहे जागरूकता अभियान
त्रिलोकी नाथ प्रसाद।राज्य में फाइलेरिया उन्मूलन के लिए शुरू किए गए अभियान के तहत गुरुवार तक 1 करोड़ 20 लाख से अधिक लोगों ने फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन किया है। इसमें सबसे अधिक 11 फरवरी को 60 लाख से भी अधिक लोगों को यह दवा खिलाई गई। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान 27 फरवरी तक जारी रहेगा। राज्य भर में लगाए गए शिविरों में पहुंचने वाले लोगों को आइवरमेक्टिन, एल्बेंडाजोल और डीइसी की खुराक स्वास्थ्य कर्मी खुद की मौजूदगी में खिलाएंगे।
राज्य को पूरी तरह से फाइलेरिया मुक्त बनाने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने 10 से 27 फरवरी तक राज्य व्यापी सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) मेगा अभियान चला रखा है। इसके लिए करीब 40 हजार से भी अधिक स्वास्थ्य शिविर लगाए गए हैं। इन शिविरों पर लोगों को फाइलेरिया उन्मूलन के लिए दवा का सेवन कराया जा रहा है। जीविका, स्वास्थ्य विभाग एवं समेकित बाल विकास योजना के आपसी समन्वय में राज्य के 34 जिलों के 395 प्रखंडों में व्यापक जन-जागरूकता एवं समुदाय आधारित मोबिलाइजेशन का कार्य भी किया जा रहा है ताकि लोग दवा सेवन के प्रति जागरुक हों और इसका सेवन कर खुद के भविष्य को सुरक्षित करें।
*जिला स्तर पर निर्धारित है दवा का डोज*
महा-अभियान की सफलता के लिए राज्य स्तर पर कई ठोस कदम उठाए गए हैं। इसके तहत इस बार 19 जिलों बांका, भागलपुर, पूर्वी-पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, जहानाबाद, कटिहार, खगरिया, कैमूर, मुंगेर, सीतामढ़ी, सुपौल, सीवान, भोजपुर, बक्सर, मधुबनी, नालंदा, नवादा और पटना में 2 दवा एल्बेंडाजोल और डीइसी खिलाने का लक्ष्य निर्धारित है। जबकि 15 जिलों औरंगाबाद, बेगूसराय, गया, जमुई, मुजफ्फरपुर, सारण, शिवहर, शेखपुरा, सहरसा, वैशाली, दरभंगा, लखीसराय, पूर्णियां, रोहतास और समस्तीपुर में 3 दवा आइवरमेक्टिन, एल्बेंडाजोल और डीईसी का सेवन स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में कराया जाएगा।