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*महान संगीतकार रवि के तरानों से रवि को श्रद्धांजलि*

त्रिलोकी नाथ प्रसाद/पटना।कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार सरकार के तहत बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम लिमिटेड तथा बिहार संग्रहालय, पटना के संयुक्त सहयोग से महान संगीतकार रवि की जन्मशताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम “एक शाम सुर-सम्राट रवि के नाम” का भावपूर्ण आयोजन बिहार संग्रहालय के ओरिएंटेशन हॉल में हुआ।

कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत कला एवं संस्कृति विभाग के सचिव श्री प्रणव कुमार द्वारा आगंतुक अतिथियों का अंगवस्त्र एवं नवपौध भेंट कर स्वागत करने के साथ की गई। इसके पश्चात दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की सांस्कृतिक शुरुआत की गई। स्वागत संबोधन में श्री प्रणव कुमार ने मुंबई से पधारे सभी विशिष्ट अतिथियों का हार्दिक अभिनंदन करते हुए कहा कि इस प्रकार के रचनात्मक एवं स्मरणीय आयोजनों के लिए कला एवं संस्कृति विभाग सदैव उत्सुक एवं प्रतिबद्ध रहता है। ऐसे आयोजन न केवल सांस्कृतिक विरासत को सहेजते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को भी प्रेरित करते हैं।

कार्यक्रम के दौरान महान संगीतकार रवि के जीवन और उनके रचनात्मक योगदान पर केंद्रित संवाद सत्र का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुंबई से पधारे भारत के प्रख्यात इतिहासकार एवं लेखक श्री मानेक प्रेमचंद (महान संगीतकार रवि की जीवनी पर आधारित पुस्तक “Soulfully Yours” के लेखक) तथा प्रोफेसर सह ऑडियो-वीडियो कंसल्टेंट श्री कमल मल्होत्रा ने संगीतकार रवि के जीवन, उनके रचनाकाल और उस दौर की स्मृतियों को रोचक किस्सों एवं तथ्यों के माध्यम से साझा किया।

संवाद सत्र के पश्चात प्रख्यात प्लास्टिक सर्जन एवं गायक डॉ. मुकुंद जगन्नाथन की गायकी ने संपूर्ण वातावरण को संगीतमय बना दिया। उन्होंने संगीतकार रवि द्वारा रचित अमर गीतों— “जाने बाहर हुस्न तेरा बेमिसाल”, “ये मेरी जोहरा जबीं”, “आज तुझको पुकारे मेरा प्यार”, “तुम अगर साथ देने का वादा करो” सहित अनेक कालजयी तरानों की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को स्वर्णिम संगीत युग की अनुभूति कराई। उनकी प्रस्तुति ने पूरे सभागार को भावविभोर कर दिया।

इस अवसर पर रेरा के अध्यक्ष सह सदस्य श्री विवेक कुमार सिंह, राजस्व पार्षद की अध्यक्ष सह सदस्य श्रीमती हरजोत कौर, पूर्व डीजीपी श्री आलोक राज, सांस्कृतिक कार्य निदेशालय की निदेशक श्रीमती रूबी, तथा बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम से श्री अरविंद रंजन दास सहित अनेक श्रोतागण तथा गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। मुंबई से आए अतिथियों के स्वागत एवं आयोजन की समुचित व्यवस्थाओं के लिए सांस्कृतिक कार्य निदेशालय की निदेशक श्रीमती रूबी ने स्वयं आगे बढ़कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया, जिसकी उपस्थितजनों ने सराहना की।

यह आयोजन महान संगीतकार रवि की जन्मशताब्दी के अवसर पर उन्हें समर्पित एक सच्ची, भावपूर्ण एवं सांस्कृतिक श्रद्धांजलि सिद्ध हुआ।

महान संगीतकार रवि : संक्षिप्त जीवन परिचय
महान संगीतकार रवि (पूरा नाम: रवि शंकर शर्मा) हिंदी फिल्म संगीत के उन विरले संगीतकारों में से थे, जिन्होंने सरल, मधुर और भावपूर्ण धुनों के माध्यम से भारतीय सिने संगीत को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया। शास्त्रीय संगीत की गहरी समझ और सहज भावबोध उनकी रचनाओं की पहचान रही। गीतकार साहिर लुधियानवी के साथ उनकी कालजयी जोड़ी ने हिंदी सिनेमा को अनेक अमर गीत दिए। प्रेम, विरह और मानवीय संवेदनाओं को स्वर देने वाला उनका संगीत आज भी पीढ़ियों के बीच एक सेतु के रूप में जीवंत है।

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