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किसानों से लगातार मिल रही शिकायत पर कृषि विभाग ने उर्वरकों के साथ अन्य उत्पाद के टैगिंग पर रोक लगाया- राम कृपाल यादव

खुदरा विक्रेताओं पर उर्वरक के साथ अन्य उत्पाद बेचने का दबाव बनाने पर कंपनियों पर होगी कड़ी कार्रवाई- राम कृपाल यादव

त्रिलोकी नाथ प्रसाद/केंद्र सरकार के निर्देश के बावजूद कंपनियां खुदरा बिक्री केंद्र तक उर्वरक नहीं पहुंचा रही है, होगी कार्रवाई- राम कृपाल यादव

माननीय कृषि मंत्री, बिहार सरकार श्री राम कृपाल यादव के कहा कि पूरे बिहार के किसानों से लगातार शिकायत मिल रही थी कि खुदरा विक्रेता उर्वरक के साथ अन्य उत्पाद किसानों को जबरदस्ती बेच रहे हैं। जिससे किसानों को उर्वरक मंहगा मिल रहा है। उन्हें आर्थिक नुकसान भी हो रहा है। जब इसकी जांच कराई गई तो पता चला कि उर्वरक कंपनियां खुदरा विक्रेताओं को उर्वरक के साथ अन्य उत्पाद की टैगिंग कर बेचने का दबाव बना रही हैं। जो सरासर नियम का उल्लंघन है। राज्य में जारी जीरो टॉलरेंस नीति के तहत आज कृषि विभाग ने अनुदानित उर्वरकों के साथ अन्य उत्पाद के टैगिंग पर पूरी तरह रोक लगाने का आदेश जारी कर दिया है।
माननीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि अनुदानित उर्वरक जैसे यूरिया, डीएपी, एनपीके एवं एमओपी के साथ किसी भी अन्य उत्पाद की जबरन टैगिंग पूरी तरह अनुचित एवं इस पर रोक है।
राज्य में किसानों को निर्धारित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराना विभाग की प्रतिबद्धता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। उर्वरक कम्पनियों पर सख्ती की जाएगी और विधिसम्मत कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने बताया कि भारत सरकार के निर्देशानुसार सभी उर्वरक आपूर्तिकर्ता कंपनियों की यह जिम्मेदारी है कि वे यूरिया, डीएपी, एनपीके एवं एमओपी सहित सभी उर्वरकों को सीधे बिक्री केंद्र (प्वाइंट ऑफ सेल) तक फ्रेट ऑन रोड के आधार पर पहुँचाएं, ताकि किसानों को एमआरपी पर उर्वरक प्राप्त हो सके। परिवहन भाड़ा कंपनी द्वारा खुदरा विक्रेताओं के खाते में उपलब्ध कराया जाना अनिवार्य है अथवा थोक उर्वरक विक्रेताओं के माध्यम से खुदरा विक्रेताओं के खाते में भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
माननीय कृषि मंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि कंपनियां इस प्रक्रिया से संबंधित साक्ष्य के रूप में खुदरा विक्रेताओं के खाता विवरण (Account Statement) को संधारित करें और आवश्यकता पड़ने पर मुख्यालय को उपलब्ध कराएं। यदि किसी भी स्तर पर कोताही, शिकायत अथवा अनियमितता की सूचना विभाग को प्राप्त होती है, तो संबंधित कंपनी, उसके पदाधिकारी अथवा थोक उर्वरक विक्रेता प्रतिष्ठान के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश (FCO), 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम (EC Act), 1955 के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
माननीय मंत्री ने दोहराया कि बिहार सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और उर्वरक वितरण प्रणाली को किसान-केन्द्रित, पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने के लिए निरंतर निगरानी एवं सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

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