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किशनगंज : फातिमा हेल्थ केयर हॉस्पिटल में गंभीर अनियमितता, एम्बुलेंस चालक द्वारा इलाज का वीडियो वायरल

वीडियो वायरल होने के बाद जिलाधिकारी विशाल राज के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की चार सदस्यीय जांच टीम अस्पताल पहुंची

किशनगंज,19जनवरी(के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, शहर स्थित फातिमा हेल्थ केयर हॉस्पिटल में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। अस्पताल में एम्बुलेंस चालक असलम आलम द्वारा मरीज का इलाज करने का आरोप लगा है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में असलम आलम एक घायल मरीज के पैर में टांके लगाते हुए नजर आ रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।बताया जा रहा है कि असलम आलम के पास डॉक्टर या नर्सिंग स्टाफ से संबंधित कोई वैध डिग्री या प्रशिक्षण नहीं है। वह मूल रूप से एम्बुलेंस चालक हैं और कुछ अन्य साझेदारों के साथ मिलकर उक्त नर्सिंग होम का संचालन कर रहे हैं। आरोप है कि नियमों को ताक पर रखकर मरीजों का इलाज किया जा रहा है, जिससे मरीजों की जान जोखिम में डाली जा रही है।हालांकि अस्पताल को स्वास्थ्य विभाग से पंजीकरण प्राप्त है, लेकिन इसके बावजूद मानकों की खुलेआम अनदेखी किए जाने के आरोप लगे हैं। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, अन्य अस्पतालों से रेफर किए गए मरीजों को एम्बुलेंस के माध्यम से सीधे यहां लाया जाता है और बिना योग्य चिकित्सक के इलाज किया जाता है।वीडियो वायरल होने के बाद जिलाधिकारी विशाल राज के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की चार सदस्यीय जांच टीम अस्पताल पहुंची। टीम में सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी (डीआईओ) डॉ. देवेन्द्र कुमार सहित अन्य अधिकारी शामिल थे। जांच के दौरान अस्पताल में कई खामियां पाई गईं।जांच के समय वीडियो में दिख रहे एम्बुलेंस चालक असलम आलम मौके पर उपस्थित नहीं मिले और फरार बताए जा रहे हैं, जिस कारण उनका बयान दर्ज नहीं किया जा सका। जांच टीम ने अस्पताल संचालक से पूरे मामले पर लिखित जवाब मांगा है।इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं कि बिना योग्यता वाले व्यक्ति को नर्सिंग होम संचालन और मरीजों के इलाज की अनुमति कैसे मिली। स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स ने मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है।स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो अस्पताल का लाइसेंस रद्द करने के साथ-साथ संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला किशनगंज जिले में अवैध और अनियमित नर्सिंग होमों के नेटवर्क की ओर भी इशारा करता है।

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