बारह दिन बाद सकुशल मिले लापता मासूम अंश और अंशिका, डीजीपी ने बच्चों को गोद में लेकर पूरी टीम को दी बधाई, कहा मेहनत हुई है और मेहनत रंग लाई है…


रांची//राजधानी रांची के चर्चित अंश–अंशिका लापता प्रकरण में पुलिस को अहम सफलता मिली है। राँची के धुर्वा थाना क्षेत्र अंतर्गत मल्लार टोली मौसीबाड़ी से लापता पांच वर्षीय अंश और चार वर्षीय अंशिका को बारह दिनों के बाद राँची पुलिस ने रामगढ़ पुलिस और सामाजिक कार्यकर्ताओं की सहयोग से चितरपुर के पहाड़ी इलाके से सकुशल बरामद कर लिया है।मकर संक्रात के दिन बच्चों के लौटने पर पूरे परिवार के साथ-साथ रांची पुलिस भी खुशियां मना रही है। इस अभियान में राँची पुलिस और रामगढ़ पुलिस के अलावे बजरंग दल से जुड़े युवाओं की भूमिका सराहनीय रही।मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की टीम अब इन गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही है, ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सके। वही डीजीपी तदाशा मिश्रा ने इस मामले में बेहतर काम के लिए पूरी पुलिस टीम को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि एडीजी मनौज कौशिक के नेतृत्व में रांची के एसएसपी राकेश रंजन, सिटी एसपी पारस राणा, ग्रामीण एसपी प्रवीण पुष्कर और ट्राफिक एसपी राकेश सिंह ने जिम्मेदारी के साथ काम किया है।

कड़ी मेहनत के बाद मिली सफलता
डीजीपी ने कहा कि बच्चों को खोजने में पुलिस ने काफी मेहनत की है और उनकी मेहनत रंग लाई है। कई स्तरों पर जांच की गई और हर जानकारी को गंभीरता से लिया गया। आखिरकार पुलिस की मेहनत सफल रही और मामले में गिरफ्तारी हो सकी।
आरोपियों से जारी है पूछताछ
डीजीपी ने बताया कि गिरफ्तार दंपती से पूछताछ की जा रही है। उनसे मिले इनपुट के आधार पर मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। पूछताछ पूरी होने के बाद इस पूरे मामले का विस्तार से खुलासा किया जाएगा।

पूरी टीम को रिवॉर्ड देने की घोषणा
वही डीजीपी तदाशा मिश्रा ने प्रेसवार्ता में पूरी टीम को रिवॉर्ड देने की घोषणा की है। यह घोषणा स्वंय डीजीपी ने पत्रकारों के समक्ष किया है। रिवार्ड की घोषणा के बाद से पूरी टीम में खुशियों का माहौल है। इस टीम में आईपीएस, डीएसपी, इंस्पेक्टर, दारोगा समेत सिपाही स्तर के पुलिसकर्मी शामिल थे। इसके अलावा एसएसपी राकेश रंजन की स्पेशल सेल और क्यूआरटी टीम भी शामिल रही।
मीडिया को दी जाएगी पूरी जानकारी,मानव तस्करी के बड़े नेटवर्क का होगा खुलासा
डीजीपी ने मीडिया के बंधुओं का भी धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि मीडिया ने इस संवेदनशील मामले को जिम्मेदारी से उठाया।उन्होंने आगे कहा कि बच्चों की सकुशल बरामदगी से अभी अनुसंधान पूरा नहीं हुआ है। पुलिस टीम अभी भी अपना काम कर रही है। आरोपियों से पूछताछ चल रही है। इस प्रकरण में मानव तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा होना है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक अपहरण नहीं, बल्कि मानव तस्करी का एक अंतरराज्यीय सिंडिकेट है। इसमें कई और चेहरे शामिल हो सकते है। पूरी गिरोह की पहचान कर आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजना झारखंड पुलिस का मकसद है।साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि इस प्रकरण से जुड़ी पूरी कहानी पत्रकारों को ब्रीफ की जाएगी, ताकि सही जानकारी जनता तक पहुंच सके।
डीजीपी ने मीडिया बंधुओं से क्या कहा (देखे वीडियो)



