किशनगंज,13जनवरी(के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, उत्तर प्रदेश की लखनऊ एटीएस की चार सदस्यीय टीम ने ठाकुरगंज पुलिस के सहयोग से फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मुंशीभीट्टा निवासी अरमान के रूप में हुई है। एटीएस टीम ने उसे मुंशीभीट्टा स्थित उसकी दुकान से गिरफ्तार किया।
गिरफ्तारी के दौरान एटीएस ने आरोपी की दुकान से एक लैपटॉप, 13 क्लोन थंब, आई और थंब स्कैनर, प्रिंटर, कई मुहर तथा बड़ी संख्या में विभिन्न प्रकार के दस्तावेज बरामद किए हैं। इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया है।
एसडीपीओ-2 मंगलेश कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी को कांड संख्या 9/2025 के तहत गिरफ्तार किया गया है। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद एटीएस टीम उसे ट्रांजिट रिमांड पर लेकर उत्तर प्रदेश रवाना हो गई है।
राष्ट्रीय स्तर पर फैला था गिरोह
एटीएस टीम के अनुसार फर्जी आधार कार्ड बनाने वाला यह गिरोह उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और दिल्ली तक फैला हुआ था। गिरोह के खिलाफ 18 अगस्त 2025 को एटीएस थाने में मामला दर्ज किया गया था। अब तक यूपी से 10 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि बंगाल और दिल्ली से भी कई आरोपी पकड़े जा चुके हैं।
दूसरे की आईडी से बनाता था फर्जी आधार
पुलिस और एटीएस की पूछताछ में अरमान ने बताया कि वह बंगाल के कोलकाता निवासी अंजार से आधार कार्ड बनाने के लिए आईडी हासिल करता था और दूसरे लोगों की आईडी के सहारे फर्जी आधार कार्ड तैयार करता था। प्रत्येक फर्जी आधार कार्ड के लिए वह 4,500 से 5,000 रुपये वसूलता था। एटीएस को आशंका है कि आरोपी ने सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों के नाम और पते का गलत इस्तेमाल कर बड़ी संख्या में फर्जी आधार कार्ड बनाए हैं।
सैकड़ों दस्तावेज और उपकरण जब्त
अभियान के दौरान आरोपी की दुकान से सैकड़ों दस्तावेज, 13 क्लोन थंब, कई मुहर और अन्य तकनीकी उपकरण बरामद किए गए हैं। जांच अधिकारियों का कहना है कि ये सभी सबूत बड़े पैमाने पर फर्जी आधार कार्ड बनाए जाने की पुष्टि करते हैं और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
अन्य संदिग्धों की तलाश जारी
एटीएस और पुलिस की संयुक्त टीम ने पोठिया प्रखंड में दो अन्य स्थानों पर भी छापेमारी की। एक संदिग्ध की दुकान से कोई आपत्तिजनक दस्तावेज नहीं मिला, जबकि दूसरा संदिग्ध फरार बताया जा रहा है। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
गिरफ्तारी अभियान में एटीएस टीम के इंस्पेक्टर भरत भूषण तिवारी, सब-इंस्पेक्टर रितेश कुमार सिंह सहित अन्य दो सदस्य शामिल थे। पुलिस और एटीएस की कार्रवाई को फर्जी दस्तावेज नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।



