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टी फैक्ट्री के शुभारंभ से किशनगंज की चाय को मिलेगी नई पहचान: महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत पहल

किशनगंज,28अगस्त(के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से महानंदा जीविका महिला एग्रो प्रोड्यूसर कंपनी लि. के माध्यम से संचालित टी प्रोसेसिंग एंड पैकेजिंग इकाई का भव्य शुभारंभ पोठिया प्रखंड के कालिदास किस्मत, कचकेचिपाड़ा में किया गया।कार्यक्रम का उद्घाटन जीविका की अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी अभिलाषा कुमारी शर्मा ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने जीविका दीदियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह इकाई स्थानीय चाय उत्पादकों, विशेषकर महिला किसानों के लिए आत्मनिर्भरता की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा, “अब किशनगंज की चाय ‘महानंदा लीफ’ के नाम से देश-दुनिया में अपनी पहचान बनाएगी।”जिलाधिकारी विशाल राज ने बताया कि इस इकाई की स्थापना स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना के तहत की गई थी, जिसे अब बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति द्वारा महानंदा एफपीसी को हस्तांतरित किया गया है। इसका संचालन अब बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की जीविका दीदियां करेंगी, जिससे न केवल स्थानीय किसान सशक्त होंगे, बल्कि बिचौलियों से भी मुक्ति मिलेगी।उप विकास आयुक्त स्पर्श गुप्ता, जीविका निदेशक (उद्यम) विनय कुमार राय, डीपीएम अनुराधा चंद्रा सहित राज्य, जिला और प्रखंड स्तरीय जीविका पदाधिकारी, जिला प्रशासन के वरीय अधिकारी, और बड़ी संख्या में जीविका दीदियाँ कार्यक्रम में मौजूद रहीं।कार्यक्रम में जीविका दीदियों द्वारा निर्मित उत्पादों के स्टॉल का अवलोकन किया गया और लाभार्थियों को सामुदायिक निवेश निधि, बैंक लिंकेज, एवं इंडिविजुअल इंटरप्राइज हेतु डमी चेक प्रदान किए गए। साथ ही दीदी अधिकार केंद्र (खुशी सीएलएफ) के लिए डमी चाबी सौंपी गई। स्थानीय दीदियों द्वारा स्वागतगान प्रस्तुत कर मुख्य अतिथियों का अभिनंदन किया गया।स्थानीय किसान शिखा और आरती दीदी ने कहा कि एफपीसी के गठन से उन्हें अब उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिल रहा है और बिचौलियों की भूमिका खत्म हो गई है। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों ने फैक्ट्री परिसर में पौधारोपण कर हरित संदेश भी दिया। यह पहल न केवल महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देती है, बल्कि किशनगंज को देश के चाय मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।

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