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राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में इंटर्नशिप करने वाले 81 छात्र–छात्राओं को मिला प्रमाण पत्र

त्रिलोकी नाथ प्रसाद/सचिव श्री जय सिंह ने शास्त्रीनगर स्थित राजस्व सर्वे (प्रशिक्षण) संस्थान में किया वितरण, छात्र–छात्राओं से सुने क्षेत्रीय कार्यालयों के अनुभव

पटना : राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में दो बैचों में इंटर्नशिप करने वाले कुल 81 इंजीनियरिंग के छात्र–छात्राओं को बुधवार को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। यह प्रमाण पत्र वितरण समारोह राजस्व सर्वे (प्रशिक्षण) संस्थान, शास्त्रीनगर, पटना में आयोजित किया गया, जहां विभाग के सचिव श्री जय सिंह ने सभी इंटर्न विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र सौंपे।

इस अवसर पर सचिव श्री जय सिंह ने विभिन्न जिलों के राजस्व कार्यालयों में इंटर्नशिप के दौरान छात्रों के अनुभवों को ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने विभाग में लागू ऑनलाइन व्यवस्थाओं और डिजिटल सेवाओं के संबंध में छात्रों की राय भी जानी तथा उनके सुझावों की सराहना की। सचिव ने कहा कि युवाओं की सहभागिता से विभागीय प्रक्रियाओं को और अधिक सुदृढ़ व पारदर्शी बनाने में मदद मिलती है।
कार्यक्रम का संचालन विशेष कार्य पदाधिकारी श्री अनुपम प्रकाश ने किया। इस मौके पर एएसओ नेभी कुमारी और राहुल कुमार भी मौजूद रहें
उल्लेखनीय है कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा राज्य के विभिन्न इंजीनियरिंग कॉलेजों—जैसे बख्तियारपुर इंजीनियरिंग कॉलेज, पूर्णिया इंजीनियरिंग कॉलेज, सहरसा इंजीनियरिंग कॉलेज, सुपौल इंजीनियरिंग कॉलेज, मुजफ्फरपुर इंजीनियरिंग कॉलेज, भोजपुर इंजीनियरिंग कॉलेज सहित राज्य के कई अन्य शहरों के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों के कंप्यूटर साइंस विषय के छात्र–छात्राओं को इंटर्नशिप कार्यक्रम के तहत चयनित किया गया था। इन विद्यार्थियों को विभिन्न जिलों में अपर समाहर्ता के नेतृत्व में भूमि सुधार उप समाहर्ता कार्यालयों एवं अंचल कार्यालयों में कार्यानुभव के लिए भेजा गया था।
इंटर्नशिप के दौरान छात्रों को विभाग में संचालित ऑनलाइन सेवाओं एवं डिजिटल प्रक्रियाओं का अध्ययन करने और उनका व्यावहारिक मूल्यांकन करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। यह इंटर्नशिप कार्यक्रम दो बैचों में संपन्न हुआ। पहला बैच 5 दिसंबर 2025 से 5 जनवरी 2026 तक, जबकि दूसरा बैच 15 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक आयोजित किया गया।
विभागीय अधिकारियों ने आशा जताई कि इस तरह के इंटर्नशिप कार्यक्रमों से छात्रों को व्यावहारिक अनुभव मिलेगा और भविष्य में ई-गवर्नेंस को और बेहतर बनाने में उनका योगदान उपयोगी सिद्ध होगा।

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