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ठाकुरगंज : एसएसबी 19वीं वाहिनी ठाकुरगंज ने विभिन स्कूलों में वृक्षारोपण कार्यक्रम का किया आयोजन

एम. ब्रोजेन सिंह, उप कमान्डेंट ने विद्यालय के प्रधानाचार्य, का धन्यवाद ज्ञापन किया और सभी बच्चों को पेड़ पौधों की हमारे जीवन में क्या आवश्कता है के बारे में बताया

किशनगंज, 07 जुलाई (के.स.)। फरीद अहमद, अनूप रोबा कच्छप, कार्यवाहक कमान्डेंट, 19वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, ठाकुरगंज के निर्देश पर वृक्षारोपण अभियान के तहत वाहिनी मुख्यालय ठाकुरगंज द्वारा +2 प्रोजेक्ट बालिका उच्च विद्यालय ठाकुरगंज एवं समस्त समवायों के विभिन स्कूलों में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन शुक्रवार को किया गया। एम.डी. महफूज़ जावेद, प्रधानाचार्य, +2 प्रोजेक्ट बालिका उच्च विद्यालय ठाकुरगंज के द्वारा एम. ब्रोजेन सिंह, उप कमान्डेंट, 19वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, ठाकुरगंज को अपने विद्यालय प्रांगण मे स्वागत किया तथा आभार व्यक्त किया की वृक्षारोपण के लिए उन्होंने हमारे विद्यालय को चुना और आगे भी आशा करते है की वाहिनी के द्वारा चलाये गये विभिन्न कार्यक्रमों में सहयोग देने का मौका देंगे। इसके पश्चात एम. ब्रोजेन सिंह, उप कमान्डेंट ने विद्यालय के प्रधानाचार्य, का धन्यवाद ज्ञापन किया और सभी बच्चों को पेड़ पौधों की हमारे जीवन में क्या आवश्कता है के बारे में बताया। जिसमें, छात्राओं अध्यापकों एवं बलकर्मियों द्वारा विद्यालय के परिसर में वृक्षारोपण किया गया। उन्होंने बताया कि ओजोन प्रदूषण का बढ़ता स्तर जिससे पौधों और उन्हें परागित करने वाले जीवों दोनों पर असर पड़ रहा है। एक शोध में, शोधकर्ता बताते हैं कि कैसे जमीनी स्तर की ओजोन की अधिकता पौधों के पत्तों को नुकसान पहुंचा सकती है, पौधों के फूलों के पैटर्न को बदल सकती है और परागणकों के काम में बाधा डाल सकती है। ओजोन परागणकों और परागण के लिए एक छुपा हुआ खतरा है। उन्होंने कहा कि ओजोन के इन प्रभावों को लंबे समय से नजर अंदाज किया गया है। ओजोन गैस धरती की मित्र और शत्रु दोनों हो सकती है। समताप मंडल या ट्रोपोस्फेरिक में, समुद्र तल से 12 किलोमीटर ऊपर, ओजोन प्राकृतिक रूप से बनती है और पृथ्वी को हानिकारक सूरज की किरणों से बचाने में मदद करती है, लेकिन उस क्षेत्र के नीचे, ओजोन एक हानिकारक प्रदूषक है। ओजोन का स्तर बढ़ रहा है क्योंकि एक गर्म जलवायु इसके गठन के लिए अनुकूलतम परिस्थितियों का निर्माण कर रही है। ओजोन प्रदूषण पौधों की पत्तियों को तेजी से नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे विविध रंगों और आकृतियों के निशान और पत्तियों का रंग फीका पड़ सकता है। क्षतिग्रस्त होने पर, पत्तियों को प्रकाश संश्लेषण में कठिनाई होती है तथा इसमें समय लगता है। पौधे को ऊर्जा प्रदान करने के लिए संघर्ष करना पड़ता है जिसकी उन्हें आवश्यकता होती है। वृक्षारोपण के द्वारा ही हम धरती पर अपने अस्तित्व की रक्षा कर सकते है। पर्यावरण बचाने का कार्य हम अपने घर से ही शुरू कर सकते हैं। कोशिश करें कि एक पौधा जरुर लगायें, ध्यान रखें कि प्रकृति सुरक्षित तो मानव जीवन भी सुरक्षित। कार्यक्रम के दौरान उप निरीक्षक दिनकर मिश्रा, उप निरीक्षक रंगीला राम, उप निरीक्षक, लीलाधर बरवा, मुख्या आरक्षी, संदीप कुमार, मधु शारदा, अध्यापक, मो० नूरुल अबसर, अध्यापक सहित बल के कार्मिक उपस्थित थे।

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