किशनगंज : जिले में फिर से बढ़ रहे कोविड-19 संक्रमण, संक्रमितो की संख्या बढ़कर जुई 06।

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सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है स्वास्थ्य विभाग।

  • जिले में 05 सीएचसी, 03 पीएचसी में डिजिटल एक्स-रे एवं 10 एपीएचसी में स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध।
  • कोविड टेस्टिंग एवं टीकाकरण में भी लाई जा रही तेजी।
  • संक्रमण से सुरक्षा के लिए लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता।

किशनगंज/धर्मेन्द्र सिंह, जिले में में कोविड-19 से संक्रमित के गुरुवार को दो मरीज मिलने के बाद पुनः शुक्रवार को 04 मरीज पाया गया है जिससे जिले में संक्रमितो की संख्या बढ़कर 06 हो गयी है। सभी संक्रमितो को पूरी चिकित्सकीय जांच के बाद होम आइसोलेशन में रखते हुए आवश्यक देखभाल की जा रही है। कोविड-19 संक्रमण के फिर से बढ़ते संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। जिला के सरकारी अस्पतालों में संक्रमण से सुरक्षा के लिए सभी तरह की व्यवस्था उपलब्ध है, जिसे नए केस मिलने के बाद से ही अलर्ट मोड पर रहने के लिए निर्देशित किया गया है। इसके अलावा जिला प्रशासन तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा लोगों को पूरी तरह कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने तथा समय पर टीका लगाने की अपील की जा रही है। कोविड-19 संक्रमण से सुरक्षा के लिए जिला के अस्पतालों में सभी आवश्यक सुविधा उपलब्ध है। सिविल सर्जन डॉ कौशल किशोर ने शुक्रवार को जानकारी देते हुए बताया कि जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्र में संक्रमण से सुरक्षा के लिए तैयार है जहां हमेशा चिकित्सक, नर्स व पारा मेडिकल स्टाफ उपस्थित रहते हैं। सदर अस्पताल के 80 बेड में ऑक्सीजन सीधे पाइप लाइन से पहुंचाई जा रही है। सदर अस्पताल परिसर में हवा से ऑक्सीजन बनाने की अनूठी टेक्नोलॉजी पर आधारित पीएसए ऑक्सीजन प्लांट में पांच सौ (एलपीएम) लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन उत्पादन हो रहा है। जो पाइप लाइन से सदर अस्पताल के हर बेड तक पहुंचायी जा रही है जिससे सदर अस्पताल आत्म-निर्भर हो गया है। इसके अलावा सभी सीएचसी एवं पीएचसी में भी ऑक्सीजन सिलेन्डर की उपयुक्त व्यवस्था की गयी है। किसी भी मरीज को ऑक्सीजन की कमी नहीं होगी। कोविड-19 मरीजों के लिए सभी प्रकार की दवाएं भी जिले में उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 से शिकार सामान्य मरीजों को घर में हीं आइसोलेट किया जाएगा लेकिन अगर उन्हें ज्यादा समस्या होगी तो उसे अस्पताल में भर्ती करते हुए सभी तरह की सुविधा दी जाएगी। सिविल सर्जन ने कहा कि कोविड-19 जांच के लिए जिले में आरटीपीसीआर लैब कार्यरत हैं जहां प्रतिदिन 2000 से 2500 लोगों की कोविड-19 टेस्टिंग की जाती है। जांच के बाद सम्बंधित व्यक्ति को उनके मोबाइल पर एसएमएस द्वारा जानकारी दी जाती है कि वह संक्रमण से सुरक्षित हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि जिले में संक्रमण से सुरक्षा के लिए 12 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों को टीका का दोनों डोज लगाने के साथ ही 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को प्रीकॉशन डोज भी लगाया जा रहा है। प्रीकॉशन डोज कोविड-19 टीका के दूसरे डोज लगाने के 09 महीने बाद लगाया जा सकता है। सभी लोगों को अपना सभी डोज समय जरूर लगवाना चाहिए। जिले में स्वास्थ्य सुविधा के तहत कुल 05 सीएचसी, 03 पीएचसी में डिजिटल एक्स-रे की शुरुआत की गयी है। साथ ही ब्लड जांच के साथ अन्य जांच की भी सुविधा दी जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित 10 अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (एपीएचसी) को क्रियाशील किया गया है। साथ ही सभी पीएचसी में 10 बेड कोविड रोगी के इलाज के लिए तैयार किया गया है। इन सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में चिकित्सक एवं दवा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। एपीएचसी में एक-एक डॉक्टर के अलावा स्टाफ नर्स की नियुक्ति की गई है। सिविल सर्जन कौशल किशोर ने बताया कि जिले के सभी मरीजों के लिए कुल 19 फ्री 102 एंबुलेंस सेवा 24×7 एडवांस सुविधा के साथ उपलब्ध है। जो संक्रमण काल में मरीजों के लिए काफी सहयोगी साबित हुआ है। सिविल सर्जन ने कहा कि राज्य में कोविड-19 संक्रमण की बढ़ती संख्या को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। बाहर निकलते समय पूरी तरह मास्क का उपयोग करना, लोगों से सामाजिक दूरी बनाए रखना और नियमित हाथों को साबुन-पानी या सैनिटाइजर से साफ करना आवश्यक है जिससे कि संक्रमण लोगों के शरीर में प्रवेश न कर सके। लोगों के सुरक्षित रहने से हम फिर से कोविड-19 को मात देने में सफल हो सकेंगे।

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