लोक अदालत शीघ्र, सस्ता और सुलभ न्याय प्रदान करने का है सशक्त माध्यम।
कोडरमा l दिनांकः-29/07/2021
कोडरमा व्यवहार न्यायालय के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने केवल सच के माध्यम से कोडरमा की जनता से अपील की है कि लोक अदालत के माध्यम से लोग अधिक से अधिक संख्या में जागरूक होकर सुलहनिए केस का निष्पादन कर इस विशेष सत्र का लाभ उठाए। इसी क्रम में 31 जुलाई 2021 को मासिक जिला विधिक सेवा प्राधिकार कोडरमा के तत्वावधान में व्यवहार न्यायालय परिसर में वर्चुअल ई-लोक अदालत का आयोजन किया जाना सुनिश्चित है। जिसमें हम लोगों के यहां वनवाद, उत्पादवाद, सुलहनिए जितने समनिए केसेज है , बिजली के मामले, इंस्टुमेंट एक्ट के मामले आदि जो है वो हमलोग प्रायोरिटी के बेसिस पर रखें हुए है।
जो लोग अगर अपने मामले को सुलह के आधार पर समाप्त करना चाहते है, वो लोग अपने स्वेच्छा से आवे उपस्तिथित हों , और अपने दोनो पार्टी के साथ रजामंदी से अपने केस को समाप्त करावे, क्योंकि लोक आदालत में जो निर्णय होता है सर्वमान्य होता है , इसकी अपील नही होती है , लोगो को न्यायालय के खर्चों से, बहोत सारे चीजों से बच जायेंगे और मामले शीघ्र निस्तावन हो जायेंगे।
यही संदेश लोगो को ज्यादा से ज्यादा लोगो को बताया जाए ताकि लोग उस तारीख को हमारे यहां उपस्थित हो , और ज्यादा से ज्यादा जो हमलोग के मामले है इस पेंडेमिक सिचुएशन में उसका निस्तावन हो सके।
गौरतलब है कि कोडरमा व्यवहार न्यायालय के वर्तमान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री वी. के. तिवारी अभी जिला में अपने जनहित के मामलों में सजगता, गम्भीरता के साथ साथ त्वरित गति से मामलों को निष्पादन करने में एक मिशाल कायम किए है जो अपने आप में काबिले तारीफ है। चाहे वो कोरोना काल में बढ़चढकर लोक हित के कार्यों को अंजाम देने का हो या फिर एक व्यवहार न्यायालय के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की भूमिका निभाने में ।
इसी कड़ी में कोडरमा व्यवहार न्यायालय के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह विशेष न्यायालय (एन.डी.पी.एस. एक्ट) बिरेन्द्र कुमार तिवारी की अदालत ने कोडरमा के एक बहुचर्चित एन.डी.पी.एस. वाद संख्या: 1/2020 के मामले में त्वरित गति से न्याय करते हुए दिनांकः-27/07/2021को इस मामले के अभियुक्तों को दस-दस वर्ष के सश्रम कारावास एवं एक-एक लाख रूपये जुर्माने की सजा सुनाई है l
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह विशेष न्यायालय (एन.डी.पी.एस. एक्ट) द्वारा इतने कम समय में मामले का त्वरित निष्पादन किए जाने से लोगों का न्याय के प्रति विश्वास काफी बढ़ा है वहीँ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा किए गए प्रयासों की काफी सराहना की जा रही है l



