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भविष्यदर्शी नीतीश कुमार का बिहार को एजुकेशन हब बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम – अरविंद निषाद

मुकेश कुमार।जद (यू) प्रदेश प्रवक्ता श्री अरविंद निषाद ने मीडिया में जारी बयान में कहा कि बिहार के भविष्यदर्शी मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने राज्य में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी निर्णय लेते हुए सभी प्रखंडों तक डिग्री काॅलेज की पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य के 534 प्रखंडों में से 213 ऐसे प्रखंड, जहां अब तक डिग्री काॅलेज नहीं थे, वहां नए डिग्री काॅलेज खोले जाने का निर्णय लिया गया है और मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि इन काॅलेजों में इसी वर्ष जुलाई महीने से शैक्षणिक सत्र प्रारंभ हो जाए।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार की दूरदर्शी नीतियों के चलते ही आज राज्य के कई जिलों में नए मेडिकल कलेज का निर्माण कार्य संभव हो सका है साथ ही राज्य के सभी 38 जिलों में इंजीनियरिंग काॅलेज की स्थापना हुई है। नालंदा में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी एवं नए क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण से बिहार की ख्याति पूरे देश भर में फैली है। पटना में साइंस सिटी का निर्माण, तारामंडल का आधुनिकीकरण ये दर्शाता है कि मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार बिहार को शिक्षा एवं साइंस एंड टेक्नोलाॅजी के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर पहुंचाना चाहते हैं।
मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने यह भी घोषणा की है कि राज्य के 55 पुराने और प्रतिष्ठित काॅलेजों, जिनमें पटना साइंस काॅलेज, पटना काॅलेज और एएन काॅलेज जैसे संस्थान शामिल हैं, को ‘सेंटर आॅफ एक्सीलेंस’ के रूप में विकसित किया जाएगा। इन संस्थानों को आधुनिक संसाधनों, बेहतर शैक्षणिक ढांचे और रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रमों से सुसज्जित किया जाएगा, ताकि छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण और प्रतिस्पर्धी शिक्षा मिल सके।
यह निर्णय मुख्यमंत्री के ‘7 निश्चय-3’ के चैथे निश्चय ‘उन्नत शिक्षा, उज्ज्वल भविष्य’ के तहत लिया गया है, जिसके अंतर्गत सभी प्रखंडों में डिग्री काॅलेज खोलने का संकल्प सरकार ने लिया है। मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने यह भी निर्देश दिया है कि प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों के उन्नयन की प्रक्रिया योजनाबद्ध तरीके से हो तथा इसमें उन संस्थानों के अनुभवी शिक्षकों और पूर्व व वर्तमान छात्र-छात्राओं से विमर्श कर उनके सुझावों को शामिल किया जाए।
मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार एक सच्चे अर्थों में भविष्यदर्शी नेता हैं, जिन्होंने अपने लगभग 20 वर्षों के शासनकाल में शिक्षा को विकास की धुरी बनाकर बिहार को एक एजुकेशन हब के रूप में स्थापित करने का संकल्प लेकर लगातार काम किया है। नए डिग्री काॅलेजों की स्थापना और सेंटर आॅफ एक्सीलेंस की परिकल्पना बिहार के युवाओं को न केवल उच्च शिक्षा बल्कि बेहतर रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराएगी और राज्य को प्रगति के नए शिखर पर ले जाएगी।

 

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