

रांची//विश्व रंगमंच दिवस के अवसर पर जेएफटीए सभागार में चल रही चार दिवसीय नाट्योत्सव के दूसरे दिन 28 मार्च 2026 को वसुन्धरा आर्ट्स के बैनर तले, सलौउद्दीन ताज लिखित और दीपक चौधरी द्वारा निर्देशित नाटक “कब्रिस्तान का ओपनिंग” ने न सिर्फ दर्शकों को हंसाया बल्कि सोचने पर भी मजबूर कर दिया। यह हास्य व्यंग्य नाटक नेताओं की घिनौनी राजनीतिक चालों और समाज में छीपे संगठन चलाने वाले वैसे तथाकथित सफेदपोश लोगों के विचारों की पोल खोलती है जो न सिर्फ अपने समाज बल्कि हिंदू-मुस्लिम एकता के महत्व पर कटाक्ष करता है।
*सरांश*
नाटक की कहानी एक नये मोहल्ले के कुछ लोगों के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक नया कब्रिस्तान बनाते हैं और इसके उद्घाटन के लिए एक नेता को बुलाते हैं। नेता की शर्त होती है कि मुर्दा दफन कर ही कब्रिस्तान का ओपनिंग करूंगा, लेकिन कब्रिस्तान कमेटी के लोगों को मुर्दा नहीं मिलता है, वे अपने ही एक दोस्त को नकली मुर्दा बना कर दफनाने के चक्कर में रहते हैं, लेकिन भंडाफोड़ हो जाता है। इस दौरान नेता की भी पोल खुल जाती है, जो हिंदू-मुस्लिम झगड़े करवाकर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकते रहे हैं । नाटक के पात्र हसरत मियां हिंदू-मुस्लिम एकता की खातिर अपनी और अपने परिवार की जान देने को तैयार होता है, लेकिन नेता और उसके गुर्गों के आगे उसकी एक नहीं चलती और उसे जन से हाथ धोना पड़ता है।
*नाटक के पात्र में* नेता – विनोद जायसवाल , हसरत मियां – निरंजन मिश्रा, खुदी मियां – बादल, अताउल्लाह – भारत प्रसाद और खबर अंसारी – परवेज कुरैशी ने शानदार अभिनय किया। निर्देशक दीपक चौधरी कम समय में बेहतर प्रस्तुति दिये हैं और नाटक के मार्गदर्शक सूरज खन्ना थे।


