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जिलाधिकारी, पटना डॉ. त्यागराजन एस.एम. द्वारा आज अतिक्रमण-उन्मूलन अभियान की समीक्षा की गई तथा अद्यतन प्रगति का जायजा लिया गया। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावी ढंग से अतिक्रमण हटाने का निदेश दिया।

त्रिलोकी नाथ प्रसाद/जिलाधिकारी ने कहा कि इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा ऐसे अधिकारियों के विरूद्ध जिम्मेदारी निर्धारित कर विभागीय एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रारंभ की जाएगी। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण-उन्मूलन अभियान में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के बीच समुचित समन्वय जरूरी है परन्तु ऐसा देखा जा रहा है कि पदाधिकारियों में समन्वय का अभाव है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। अधिकारियों में अतिक्रमणकारियों के विरूद्ध कार्रवाई करने के लिए इच्छा-शक्ति की कमी भी देखी जा रही है। यह अच्छी स्थिति नहीं है। जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार द्वारा नगर व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए डेडिकेटेड शहरी प्रबंधन इकाई का गठन किया है। इस इकाई के पदाधिकारीगण सार्थक ढंग से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करें। जिलाधिकारी ने अपर जिला दंडाधिकारी (नगर-व्यवस्था) को विभिन्न विभागों जैसे नगर विकास, पुलिस, यातायात, जिला प्रशासन, विद्युत, पथ निर्माण इत्यादि के अधिकारियों के बीच सुदृढ़ समन्वय एवं सार्थक संवाद स्थापित करने का निदेश दिया ताकि अतिक्रमण-उन्मूलन अभियान सफलतापूर्वक संचालित किया जा सके। उन्होंने कहा कि पुनः अतिक्रमण की घटना को कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। जो भी दुबारा अतिक्रमण करे उन्हें चिन्हित करते हुए उनकी सूची तैयार कर उनके विरूद्ध अनिवार्य तौर पर प्राथमिकी दर्ज करने का निदेश दिया गया।

जिलाधिकारी ने कहा कि कभी-कभी ऐसी सूचना मिलती है कि अतिक्रमण हटाओ अभियान में समय पर फोर्स स्थल पर नहीं पहुँचता है। यह खेदजनक है। उन्होंने अधिकारियों को समुचित संख्या में तथा समय से फोर्स की उपस्थिति सुनिश्चित करने का निदेश दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि पुनः अतिक्रमण की घटना होने पर थानाध्यक्ष के विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी। उनके निलंबन की कार्रवाई भी की जा सकती है। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण की घटना में अतिक्रमणकारियों के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज करने की संख्या भी न के बराबर है। इस फेज में अभी तक केवल 3 एफआईआर ही दर्ज किया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि इससे यह लगता है कि अतिक्रमणकारियों के विरूद्ध कार्रवाई ठीक ढंग से नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि खानापूर्ति से काम नहीं चलेगा। अतिक्रमणकारियों के विरूद्ध सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी सहित विधि-सम्मत सख्त कार्रवाई करें। सामानों की जप्ती करें। उनके विरूद्ध पर्याप्त आर्थिक दंड लगाएँ ताकि वे दुबारा अतिक्रमण करने से बाज आएं। अनुमंडल पदाधिकारियों एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों को फॉलो-अप टीम को सक्रिय रखने एवं अभियान का पर्यवेक्षण करने का निदेश दिया गया।

जिलाधिकारी ने कहा कि अतिक्रमण के कारण आम जनता को काफी परेशानी होती है। नेहरू पथ, जेपी गंगापथ, हवाई अड्डा रोड, अशोक राजपथ, दीघा-आशियाना रोड इत्यादि सड़क शहर का लाईफलाईन है। अतिक्रमण के कारण से यातायात एवं परिवहन में व्यवधान आता है। लोगों का बहुमूल्य समय बर्बाद होता है तथा उन्हें सामान्य ढंग से जीवन-यापन करने में भी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। जिलाधिकारी ने कहा कि जनहित में यह आवश्यक है कि अतिक्रमणकारियों के विरूद्ध प्रभावी ढंग से कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण-उन्मूलन अभियान दिखना भी चाहिए ताकि लोगों के मन में विश्वास जगे। अधिकारियों को नेहरू पथ, हवाई अड्डा, चितकोहरा, चिरैयाटांड़, रेलवे स्टेशन, आशियाना-दीघा, रूपसपुर नहर, जेपी गंगापथ, दीघा बाजार, पटना सिटी, सभी अस्पतालों सहित हर क्षेत्र में मुख्य सड़कों एवं सार्वजनिक स्थलों को अतिक्रमण-मुक्त रखने का निदेश दिया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निदेश दिया कि सार्वजनिक स्थलों से अवैध संरचनाओं को शीघ्र हटाया जाए। अस्थायी अतिक्रमण एवं स्थायी अतिक्रमण दोनों को चिन्हित करें। अस्थायी अतिक्रमण को तुरत हटाएँ। स्थायी अतिक्रमण की स्थिति में अतिक्रमणवाद प्रारंभ करते हुए विधिवत ढंग से निर्धारित समय-सीमा के अंदर अतिक्रमण हटाएँ।

इस बैठक में पुलिस अधीक्षक यातायात, अपर जिला दंडाधिकारी (नगर-व्यवस्था), नगर दंडाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक, नगर कार्यपालक पदाधिकारीगण एवं अन्य भी उपस्थित थे।

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