District Adminstrationकिशनगंजबिहारब्रेकिंग न्यूज़स्वास्थ्य

किशनगंज : गैर संचारी रोगों से समय पर उपचार ही बचाव का सबसे बड़ा उपाय : डॉ. उर्मिला

किशनगंज में एनसीडी नियंत्रण को लेकर स्वास्थ्य विभाग की विशेष पहल, पीएचसी और सीएचसी स्तर पर आयोजित हुई समीक्षा बैठक, विशेष मेडिकल किट भी उपलब्ध

किशनगंज,30अगस्त(के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, जिले में गैर संचारी रोगों (एनसीडी) जैसे मधुमेह, कैंसर, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, अल्जाइमर और मोतियाबिंद की रोकथाम एवं नियंत्रण को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने गंभीर पहल की है। राष्ट्रीय असंचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जिले के प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एनसीडी क्लीनिकों के माध्यम से जांच, परामर्श और इलाज की मुफ्त सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

हल्के लक्षणों को न करें नजरअंदाज

गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. उर्मिला कुमारी ने कहा कि इन रोगों का प्रमुख कारण शुरुआती लक्षणों की अनदेखी है। उन्होंने समीक्षा बैठक के दौरान बताया, “एनसीडी की शुरुआत मामूली लक्षणों से होती है, जिन्हें लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। यही लापरवाही आगे चलकर जानलेवा बन सकती है। समय पर जांच और इलाज ही इसका सबसे प्रभावी उपाय है।”

स्वास्थ्य केंद्रों को दी गई विशेष मेडिकल किट

सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने बताया कि 30 वर्ष से अधिक आयु के लोगों में एनसीडी का खतरा अधिक होता है। उन्होंने कहा कि जिले के सभी प्रमुख स्वास्थ्य केंद्रों पर ब्लड प्रेशर मशीन, ग्लूकोमीटर और अन्य उपकरणों से युक्त विशेष मेडिकल किट उपलब्ध कराई गई है। इससे समय पर जांच कर रोग की पुष्टि की जा सकेगी। रोग की पहचान होने पर मरीजों को निःशुल्क दवाएं भी प्रदान की जाती हैं।

सीएचसी व पीएचसी स्तर पर समीक्षा बैठकें आयोजित

डॉ. उर्मिला कुमारी की अध्यक्षता में आज पीएचसी किशनगंज में सीएचओ के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। साथ ही जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों की अध्यक्षता में विशेष समीक्षा बैठकें भी हुईं। इनमें एनसीडी की जांच, जागरूकता और उपचार रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।

जागरूकता ही है सबसे बड़ा हथियार

डॉ. उर्मिला ने कहा, “एनसीडी क्लीनिकों का उद्देश्य लोगों को समय पर जांच और सही इलाज मुहैया कराना है। यदि लोग स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें और नियमित जांच कराएं, तो इन रोगों से काफी हद तक बचा जा सकता है।” सिविल सर्जन ने भी सभी स्वास्थ्य संस्थानों को निर्देश दिया है कि रोगियों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराएं और किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

स्वास्थ्य विभाग की यह पहल जिले में गैर संचारी रोगों की रोकथाम और प्रभावी प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!